Students Protest: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 8 अगस्त को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने रविवार, 9 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम से जुड़ी एक पोस्ट साझा करते हुए छात्रों की परेशानियों और रोजगार से जुड़े सवालों को उठाया।
राहुल गांधी ने एक छात्र की बात का जिक्र करते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने उनसे कहा, “अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा।” राहुल के मुताबिक, छात्र ने बताया कि उसने वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, परिवार ने उसकी पढ़ाई के लिए जमीन तक बेच दी और माता-पिता पर कर्ज भी हो गया, लेकिन इसके बावजूद उसके हाथ में कुछ नहीं आया।
छात्रों की मेहनत और बेरोजगारी के मुद्दे पर राहुल गांधी ने साधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि किसी छात्र की असफलता को केवल उसकी व्यक्तिगत हार के तौर पर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने इसे ऐसी व्यवस्था की विफलता बताया, जिसमें युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक तैयारी करने वाले युवाओं के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी अनिश्चितता बड़ी चुनौती बन चुकी है। राहुल गांधी ने छात्रों के संघर्ष को देश की व्यवस्था और रोजगार नीति से जोड़ते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की।
13 दिन से गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर राहुल गांधी का सवाल
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन गृह मंत्री की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े घटनाक्रम पर सरकार की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
उन्होंने अपने पोस्ट में अमित शाह को टैग करते हुए कहा कि जवाबदेही की मांग बंद नहीं की जाएगी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर छात्रों के खिलाफ लाठी और पैलेट का इस्तेमाल हुआ, लेकिन इस पर गृह मंत्री की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई।
‘आज नहीं तो कल जवाब देना ही पड़ेगा’, राहुल गांधी का तीखा बयान
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि सरकार को छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि वे युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे और जवाबदेही की मांग जारी रखेंगे।
राहुल गांधी ने छात्रों को देश की रोशनी बताते हुए कहा कि वह उनके साथ पूरी ताकत से खड़े हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
प्रयागराज में राहुल गांधी ने छात्रों से रोजगार और भविष्य पर की थी बात
इससे पहले शनिवार को प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित किया था। अपने भाषण में उन्होंने इलाहाबाद की पुरानी शैक्षणिक पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय यह देश की बेहतरीन यूनिवर्सिटी के लिए जाना जाता था।
राहुल गांधी ने कहा कि वह छात्रों से दर्द, डेटा और दौलत जैसे मुद्दों पर बात करने आए हैं। उन्होंने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि दुनिया के दूसरे बड़े देशों की तुलना में भारत के युवाओं की क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी ने रोजगार के आंकड़ों से छात्रों के भविष्य का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में रोजगार से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि देश में हर एक हजार युवाओं में केवल 12 युवाओं को स्थायी नौकरी मिलती है। उन्होंने छात्रों के सामने रोजगार, अवसर और भविष्य से जुड़े सवाल रखे और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर अपनी बात रखी।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि देश के युवा केवल रोजगार पाने वाले लोग नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक और सामाजिक ताकत हैं। प्रयागराज में दिए उनके भाषण और उसके बाद एक्स पर किए गए पोस्ट के जरिए उन्होंने एक बार फिर युवा रोजगार, छात्रों की समस्याओं और सरकार की जवाबदेही को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

