NEET Protest: फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत के खिलाफ आगरा में एक मामला दर्ज कराया गया है। यह मामला NEET-UG पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर की गई उनकी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कंगना के खिलाफ MP/MLA के लिए गठित विशेष अदालत में मामला दर्ज कराया है। अदालत इस मामले की सुनवाई 21 अगस्त को करेगी।
कंगना रनौत के खिलाफ MP/MLA कोर्ट में दर्ज हुआ मामला
मामला दर्ज कराने के बाद अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कहा कि उन्होंने भाजपा सांसद कंगना रनौत के खिलाफ विशेष अदालत में केस दाखिल किया है। उनके मुताबिक, यह मामला जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर कंगना की सोशल मीडिया पोस्ट में की गई टिप्पणी से संबंधित है।
रमाशंकर शर्मा ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि कंगना ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कथित तौर पर ‘गटर जेनरेशन’ कहा था। अधिवक्ता का आरोप है कि इस टिप्पणी से देश के छात्रों का अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि मामला छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और अदालत में इस पर सुनवाई होनी है।
‘जेनरेशन गटर’ टिप्पणी पर कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें
रमाशंकर शर्मा ने कंगना पर तीखी टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की बातें कहने की आदत है। उन्होंने दावा किया कि कंगना की टिप्पणी से न केवल प्रदर्शन कर रहे छात्रों बल्कि उनके माता-पिता की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
अधिवक्ता के मुताबिक, छात्रों का भविष्य देश के लिए महत्वपूर्ण है और उनके आंदोलन या विचारों पर टिप्पणी करते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। अब अदालत में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर सभी की नजर है।
NEET पेपर लीक आंदोलन के दौरान कंगना ने की थी टिप्पणी
यह मामला उस समय की कंगना रनौत की सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़ा है, जब NEET-UG पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर प्रदर्शन से संबंधित कई पोस्ट और वीडियो साझा किए थे।
इन पोस्ट में उन्होंने प्रदर्शनकारियों के तौर-तरीकों और भाषा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने एक वीडियो को ‘प्यूक-इंड्यूसिंग’ यानी उल्टी जैसा महसूस कराने वाला बताया था। कंगना ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के व्यवहार और विरोध के तरीके की भी आलोचना की थी।
सोशल मीडिया पोस्ट में कंगना ने प्रदर्शनकारियों पर साधा निशाना
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज में लिखा था कि उन्होंने अपनी जिंदगी में किसी एक जगह इतनी बदसूरती नहीं देखी। उन्होंने Gen Z के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो को लेकर नाराजगी जताते हुए प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार की आलोचना की।
उन्होंने सवाल उठाया था कि ऐसी भाषा और व्यवहार को जन्म देने और बढ़ावा देने के लिए कौन जिम्मेदार है। कंगना ने यह भी कहा था कि इन वीडियो ने उन्हें परेशान कर दिया और प्रदर्शन में शामिल युवाओं को डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत है।
युवा महिलाओं को लेकर भी कंगना की टिप्पणी पर विवाद
कंगना ने अपने पोस्ट में प्रदर्शन में शामिल युवा हिंदू महिलाओं के रवैये पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ युवा महिलाएं बिना आजादी की जिम्मेदारियों को समझे स्वतंत्र करियर वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं।
उन्होंने स्वतंत्र महिलाओं के बारे में अपनी राय रखते हुए कहा कि ऐसी महिलाएं अपने फैसले खुद लेती हैं, करियर में अलग रास्ता चुनती हैं और अपने काम की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाती हैं। कंगना ने परिवार और माता-पिता पर निर्भरता को लेकर भी प्रदर्शनकारी युवाओं पर सवाल उठाए थे।
‘जेनरेशन गटर’ बयान को लेकर हुआ विवाद
कंगना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रदर्शनकारी युवाओं के लिए ‘जेनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ प्रदर्शनकारियों के पास व्यवस्था को देने के लिए कुछ नहीं है और उन्होंने उनकी शिक्षा, व्यवहार और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
कंगना की इन टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के एक वर्ग ने नाराजगी जताई थी। अब इसी टिप्पणी को लेकर आगरा की अदालत में मामला दर्ज कराया गया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।
NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से जुड़ा था छात्र आंदोलन
NEET-UG पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किया था। आंदोलन एक महीने से अधिक समय तक चला। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
अब कंगना रनौत की पुरानी सोशल मीडिया टिप्पणियों को लेकर दर्ज हुए मामले ने इस पूरे विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अदालत में 21 अगस्त को होने वाली सुनवाई में मामले से जुड़े आरोपों पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

