You are currently viewing UP politics: जयंत चौधरी ने PM मोदी से की मुलाकात, अखिलेश यादव के हमलों के बीच सियासी संदेश पर चर्चा

UP politics: जयंत चौधरी ने PM मोदी से की मुलाकात, अखिलेश यादव के हमलों के बीच सियासी संदेश पर चर्चा

UP politics: राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बुधवार, 26 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच पिछले करीब दो सप्ताह से लगातार जुबानी तकरार देखने को मिल रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री से जयंत की मुलाकात को मौजूदा सियासी घटनाक्रम के बीच अहम माना जा रहा है।

PM मोदी से मुलाकात में कृषि और स्किल कंपटीशन्स पर हुई चर्चा

जयंत चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन मिला। इनमें कृषि, स्किल कंपटीशन्स और नीतियों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।

जयंत चौधरी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतिगत मामलों में क्रिएटिव थिंकिंग को बढ़ावा देने और गुड गवर्नेंस के लिए जन भागीदारी के महत्व पर जोर दिया। इस मुलाकात को कृषि और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच क्यों बढ़ी सियासी तकरार?

प्रधानमंत्री से मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब अखिलेश यादव बनाम जयंत चौधरी की राजनीतिक बयानबाजी लगातार चर्चा में है। पिछले करीब दो हफ्तों से दोनों नेताओं के बीच अलग-अलग मुद्दों को लेकर तीखी टिप्पणियां सामने आई हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राष्ट्रीय लोकदल और जयंत चौधरी पर निशाना साध चुके हैं।

अखिलेश यादव ने हाल ही में एक फेसबुक पोस्ट के जरिए बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर तंज कसा था। इस पोस्ट में उन्होंने रालोद के लिए 73 सीटों का जिक्र किया था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

‘चवन्नी’ वाले बयान पर जयंत चौधरी ने अखिलेश को दिया जवाब

अखिलेश यादव की ओर से की गई ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी पर जयंत चौधरी ने भी पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि अगर सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो उनका नाम लेकर कहा जाता, उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं होती।

जयंत चौधरी ने जाट समाज को निशाना बनाए जाने पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि वह इस तरह के अहंकार को करीब से देख चुके हैं और उनका मानना है कि ऐसा आचरण केवल पतन की ओर ले जाता है।

रालोद की सीटों से लेकर गन्ना किसानों तक, जयंत का पलटवार

जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा था कि उन्हें राष्ट्रीय लोकदल की सीटों की चिंता है, अपनी सीटों की नहीं। उन्होंने कई मुद्दों को लेकर सपा प्रमुख पर व्यंग्य किया था।

जयंत ने कहा था कि चिंता गुलाब जामुन और रसगुल्ले की कीमत की है, लेकिन गन्ना किसानों की नहीं। इसी तरह उन्होंने गाड़ी के माइलेज को लेकर चिंता जताने और भारत की ऊर्जा स्वाधीनता की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। उनके इन बयानों ने दोनों दलों के बीच चल रही सियासी बहस को और धार दे दी थी।

2022 में सपा के साथ था RLD, 2024 में NDA का थामा दामन

राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी के रिश्तों में बदलाव की कहानी पिछले कुछ वर्षों की राजनीति से जुड़ी है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में रालोद ने सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली रालोद ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का साथ पकड़ लिया।

एनडीए में शामिल होने से कुछ महीने पहले जयंत चौधरी के अखिलेश यादव का साथ छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। उस समय जयंत ने अपने राजनीतिक रुख को लेकर कहा था कि वह ‘चवन्नी नहीं हैं जो पलट जाएं’। बाद में जब रालोद एनडीए के साथ चली गई तो सपा की ओर से उनके पुराने बयान को लेकर लगातार राजनीतिक तंज किए जाते रहे।

PM मोदी से मुलाकात के बीच बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं

अब जब अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच बयानबाजी जारी है, उसी दौरान जयंत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, जयंत चौधरी ने मुलाकात को कृषि, कौशल प्रतियोगिताओं, नीतियों और गुड गवर्नेंस जैसे विषयों पर केंद्रित बताया है।

ऐसे में यह मुलाकात सरकार में उनकी भूमिका और रालोद-बीजेपी संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं, दूसरी ओर अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच चल रही सियासी तकरार आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में किस दिशा में जाती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।

Spread the love

Leave a Reply