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UP Politics: अखिलेश यादव के 40 हजार रुपये के वादे पर घमासान, शिवपाल बोले- BJP के हाथ-पांव फूल गए

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की अगुवाई में लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने के ऐलान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। इस घोषणा पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सवाल उठाए, जिसके बाद सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने उन्हें जवाब दिया।

अखिलेश यादव का महिलाओं को 40 हजार रुपये देने का बड़ा ऐलान

सपा की महिला सशक्तिकरण योजना पर नजर: बुधवार, 26 अगस्त को सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने महिलाओं को लेकर अपनी पार्टी की योजना का ऐलान किया। उन्होंने इसे ‘आधी आबादी की पूरी आजादी’ का संकल्प बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल 40,000 रुपये देकर सम्मान और आर्थिक मजबूती देने का काम किया जाएगा।

सपा प्रमुख के इस ऐलान को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने की घोषणा के जरिए सपा ने महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश दिया है। हालांकि, बीजेपी ने इस वादे को लेकर तुरंत सवाल खड़े कर दिए।

केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव और सपा पर साधा निशाना

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बीजेपी का पलटवार: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के वादे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुंह से महिला सुरक्षा और सम्मान की बात केवल छलावा है।

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में सपा सरकार के 2012 से 2017 के कार्यकाल का जिक्र करते हुए अपराध, माफिया, दंगाइयों और भ्रष्टाचार को लेकर पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर की राजनीति में अपराधियों और माफिया को संरक्षण मिलने की बात उत्तर प्रदेश की जनता ने देखी है।

2027 और 2047 के दावे पर भी केशव मौर्य का हमला

अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तंज: बीजेपी नेता ने अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को 2027 से 2047 तक उत्तर प्रदेश की सत्ता मिलने वाली नहीं है और राहुल गांधी को 2049 तक देश की सत्ता मिलने की संभावना नहीं है।

केशव प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि दोनों नेता भविष्य के नाम पर जनता से ऐसे वादे कर रहे हैं, जिन्हें वह पूरा नहीं कर सकते। उन्होंने समाजवादी पार्टी के PDA को भी निशाने पर लिया और इसे ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं सपा की राजनीति को अच्छी तरह समझती हैं और उसके झांसे में नहीं आएंगी।

शिवपाल सिंह यादव का केशव प्रसाद मौर्य को करारा जवाब

40 हजार रुपये के वादे पर बीजेपी को घेरा: केशव प्रसाद मौर्य के बयान के बाद जसवंतनगर से सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथ में 40 हजार रुपये पहुंचाने की बात सामने आते ही बीजेपी नेताओं के हाथ-पांव फूल गए।

शिवपाल सिंह यादव ने डिप्टी सीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगी तो बीजेपी को इससे परेशानी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक मजबूती देने की समाजवादी सोच से घबराने के बजाय बीजेपी सरकार को अपने कार्यकाल में महिला सुरक्षा और रोजगार का हिसाब देना चाहिए।

‘अब महिलाएं सवाल पूछेंगी’, शिवपाल का बीजेपी पर हमला

महिला सुरक्षा और रोजगार पर मांगा जवाब: शिवपाल यादव ने अपने बयान में कहा कि अब महिलाएं केवल वादे नहीं सुनेंगी, बल्कि सरकार से सवाल भी करेंगी और जवाब भी लेंगी। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की महिला केंद्रित सोच से घबराने के बजाय सरकार को अपने काम का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए।

शिवपाल के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और महिला सुरक्षा का मुद्दा केंद्र में आ गया है। सपा जहां 40 हजार रुपये के वार्षिक आर्थिक सहयोग को महिला सशक्तिकरण से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी इस घोषणा को चुनावी वादा बताते हुए सपा के पुराने कार्यकाल पर सवाल उठा रही है।

2027 से पहले महिला वोटबैंक पर सियासी नजर

सपा-बीजेपी के बीच बढ़ेगी राजनीतिक लड़ाई: उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के साथ ही महिला मतदाताओं पर दोनों प्रमुख दलों का फोकस बढ़ता दिखाई दे रहा है। अखिलेश यादव का 40 हजार रुपये सालाना देने का ऐलान और उस पर केशव मौर्य की प्रतिक्रिया के बाद सपा और बीजेपी के बीच नया राजनीतिक विवाद सामने आया है।

अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में महिला सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक सहायता के मुद्दे पर दोनों दलों की बयानबाजी किस दिशा में जाती है। फिलहाल, अखिलेश यादव के 40 हजार रुपये के वादे ने यूपी की सियासत में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।

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