Unnao Flood: उन्नाव जिले में लोन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को आवागमन, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित जयराजमऊ और पोरई गांव पहुंचे सांसद साक्षी महाराज
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए सांसद डॉ. स्वामी साक्षी महाराज जयराजमऊ और पोरई गांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। सांसद ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत के अनुसार राहत पहुंचाई जाएगी।
बाढ़ पीड़ित परिवारों से बातचीत, समस्याओं की ली जानकारी
जयराजमऊ गांव में सांसद ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने उन्हें जलभराव और बाढ़ के कारण सामने आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी दी। सांसद ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
बाढ़ राहत सामग्री का वितरण, सांसद ने खुद सौंपी राहत किट
निरीक्षण के दौरान सांसद डॉ. स्वामी साक्षी महाराज ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अपने हाथों से पीड़ित परिवारों को राहत किट सौंपी। राहत किट में खाद्य सामग्री के अलावा रोजमर्रा की जरूरत में इस्तेमाल होने वाले आवश्यक सामान शामिल थे। राहत सामग्री मिलने से बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी: साक्षी महाराज
जयराजमऊ में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन और पानी समेत जरूरी सुविधाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। सांसद ने कहा कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाएगा और राहत कार्य लगातार जारी रहेंगे।
अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश
सांसद ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव अभियान को और तेज किया जाए। साथ ही जरूरतमंद परिवारों तक समय पर खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सामान पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सांसद ने प्रशासन से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की भी अपील की।
पोरई गांव में मेडिकल कैंप, बाढ़ पीड़ितों की हुई स्वास्थ्य जांच
पोरई गांव में बाढ़ प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप लगाया गया। शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यकतानुसार दवाएं उपलब्ध कराई गईं। बाढ़ के कारण संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को जरूरी सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी।
प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश
सांसद ने ग्राम प्रधानों से बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राहत सामग्री और सरकारी सहायता से कोई भी जरूरतमंद परिवार वंचित न रह जाए। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया, ताकि बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत अभियान प्रभावी तरीके से चलाया जा सके।
लोन नदी की बाढ़ के बीच प्रशासन की बढ़ी जिम्मेदारी
लोन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद उन्नाव के प्रभावित गांवों में प्रशासन के सामने राहत और बचाव कार्य को तेजी से संचालित करने की चुनौती है। सांसद के दौरे और राहत सामग्री वितरण से प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता मिली है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि ग्रामीणों को आगे भी आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की कवायद जारी है।

