UP Politics: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने के बाद बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कार्रवाई का समर्थन करते हुए ओवैसी पर राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए बयान देने का आरोप लगाया।
ओवैसी पर साक्षी महाराज का हमला, तुष्टिकरण की राजनीति का लगाया आरोप
मीडिया से बातचीत में साक्षी महाराज ने असदुद्दीन ओवैसी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ओवैसी राष्ट्रवाद की बात नहीं करते और पूर्वाग्रह तथा तुष्टिकरण की राजनीति को ध्यान में रखकर बयान देते हैं। बीजेपी सांसद ने ओवैसी की बयानबाजी को उनके राजनीतिक रुख से जोड़ते हुए कहा कि वह अक्सर ऐसे बयान देते रहते हैं, जिनसे विवाद खड़ा होता है।
बीजेपी सांसद बोले- ओवैसी के बयानों में राष्ट्रवाद की बात नहीं
साक्षी महाराज ने कहा कि ओवैसी कई मुद्दों पर ऐसे बयान देते हैं, जिन्हें वह राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रेरित मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम प्रमुख की राजनीति में तुष्टिकरण का प्रभाव दिखाई देता है। सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई के मुद्दे पर भी बीजेपी सांसद ने ओवैसी के विरोध को इसी राजनीतिक नजरिए से जोड़कर देखा।
हिंदू-मुस्लिम विवाद पर साक्षी महाराज का बयान, सुरक्षा का किया दावा
ओवैसी द्वारा देश में हिंदू-मुस्लिम विभाजन को लेकर उठाए गए सवालों पर भी साक्षी महाराज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की मूल भावना सभी के कल्याण की है। अपने बयान में उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमानों को जितनी सुरक्षा और सम्मान मिलता है, उतना किसी अन्य देश में नहीं मिलता।
साक्षी महाराज का तंज- सूरज निकले और उल्लू को न दिखे तो इलाज नहीं
बीजेपी सांसद ने अपने बयान में तीखे और व्यंग्यात्मक अंदाज का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अगर सूरज निकलने के बाद भी किसी को दिखाई न दे तो उसका इलाज उनके पास नहीं है। यह टिप्पणी उन्होंने ओवैसी के बयानों पर कटाक्ष के तौर पर की।
ओवैसी ने सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर उठाए सवाल
वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने सहारनपुर में मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित मस्जिद 1911 या उससे पहले से मौजूद है और वहां लगातार नमाज पढ़ी जाती रही है। ओवैसी के अनुसार, मस्जिद के लिए एक मुस्लिम व्यक्ति ने अपनी जमीन दी थी और सितंबर 2026 तक वहां इबादत होती रही।
ओवैसी का दावा- मस्जिद को हटाने का आदेश कुछ महीने पहले जारी हुआ
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि कुछ महीने पहले कलेक्टर की ओर से एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें कथित तौर पर मस्जिद को मस्जिद नहीं माना गया और उसे हटाने की बात कही गई। ओवैसी ने कार्रवाई के समय और प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामला उच्च न्यायालय के सामने रखा जा सकता था।
ओवैसी ने योगी सरकार पर लगाया कानूनी प्रक्रिया दरकिनार करने का आरोप
ओवैसी ने आरोप लगाया कि सुबह के समय मस्जिद पर कार्रवाई करना इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश सरकार मामले को उच्च न्यायालय तक नहीं जाने देना चाहती थी। उन्होंने बीजेपी और योगी सरकार पर असंवैधानिक तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप ओवैसी के राजनीतिक बयान हैं और इन पर सरकार या प्रशासन का पक्ष अलग हो सकता है।
इबादतगाहों और संवैधानिक अधिकारों को लेकर ओवैसी ने उठाया सवाल
ओवैसी ने कहा कि देश के मुसलमानों को संविधान द्वारा दिए गए धार्मिक अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मस्जिदों को तोड़ा गया है और सवाल किया कि क्या मुसलमानों के लिए संवैधानिक आजादी का अधिकार नहीं बचा है। उन्होंने अदालत और कानून की प्रक्रिया को दरकिनार किए जाने का भी आरोप लगाया।
सहारनपुर मस्जिद विवाद पर आमने-सामने बीजेपी और एआईएमआईएम
सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई को लेकर बीजेपी और एआईएमआईएम के नेताओं के बीच बयानबाजी ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। एक तरफ साक्षी महाराज कार्रवाई का समर्थन करते हुए ओवैसी की राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं ओवैसी कार्रवाई की प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों को लेकर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब इस विवाद पर प्रशासन और सरकार की ओर से आने वाली आधिकारिक प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।

