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UP News: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी जांच में नया मोड़, गोपनीय जानकारी लीक होने की भी पड़ताल

UP News: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच अब केवल चोरी की घटनाओं तक सीमित नहीं रही है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील सूचनाएं बाहर कैसे पहुंचीं। मामले से जुड़े पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ से मिली कुछ जानकारियों के आधार पर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची है, जिस पर संवेदनशील जानकारी एक प्रमुख राजनीतिक नेता तक पहुंचाने का संदेह है।

राम मंदिर दान चोरी मामले में गोपनीय सूचना लीक की कड़ी की जांच

जांच का रुख उस समय इस दिशा में बदला, जब चढ़ावा चोरी की घटना के करीब एक महीने बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत की जानकारी सामने आई। बातचीत में ट्रस्ट से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं के मीडिया और एक प्रमुख राजनीतिक नेता तक पहुंचने को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। इसके बाद जांच एजेंसियों ने यह पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया कि ट्रस्ट की अंदरूनी जानकारी बाहर किस माध्यम से पहुंची

कर्मचारी और प्रमुख राजनीतिक नेता के संपर्क की भी पड़ताल

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान एक कर्मचारी के एक प्रमुख नेता के संपर्क में रहने और उनसे मुलाकात के लिए लखनऊ जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस जानकारी को अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के साथ मिलाकर देख रही है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट करने के मामले में साइबर जांच तेज

जांच आगे बढ़ने के बीच संदिग्ध व्यक्ति की सोशल मीडिया गतिविधियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। सूत्रों के अनुसार, जुलाई के बाद उसके फेसबुक अकाउंट से कई पोस्ट हटाए गए। बताया जा रहा है कि 28 जुलाई के बाद अकाउंट पर कोई नई पोस्ट नहीं की गई। पुलिस अब डिलीट किए गए पोस्ट का डेटा हासिल करने के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है। इसके साथ ही चोरी की घटना के बाद संबंधित लोगों के बीच हुए संपर्क और सोशल मीडिया गतिविधियों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

SBI के तीन कर्मचारियों से हुई गहन पूछताछ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से जुड़े सभी संबंधित कर्मचारियों के बयान पुलिस दर्ज कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार, इनमें से तीन कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की गई। इनमें दो कर्मचारियों से मिली जानकारी को विवेचना की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस इन बयानों को अब तक जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से मिलाकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

25 सितंबर को दाखिल हो सकती है राम मंदिर दान चोरी केस की चार्जशीट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विवेचना अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। पुलिस की ओर से 25 सितंबर को आरोपपत्र दाखिल किए जाने की तैयारी की जानकारी सामने आई है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के दौरान दो और नाम सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम रूप से किन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा, यह पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

आरोपियों की गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे होने से बढ़ी कानूनी अहमियत

मंगलवार, 22 सितंबर को आरोपियों की गिरफ्तारी को 90 दिन पूरे होने की बात सामने आई है। आपराधिक मामलों में निर्धारित अवधि के भीतर आरोपपत्र दाखिल नहीं होने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी वैधानिक जमानत का दावा कर सकते हैं। ऐसे में इस मामले में प्रस्तावित चार्जशीट और आरोपियों की जमानत से जुड़ी आगामी कानूनी प्रक्रिया पर भी नजर बनी हुई है।

जांच में अब चोरी के साथ सूचना लीक और संपर्कों पर भी फोकस

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच एजेंसियां अब चोरी की घटनाओं के साथ-साथ गोपनीय सूचना के कथित लीक, कर्मचारियों के संपर्क, बैंक कर्मचारियों के बयान और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी जांच का हिस्सा बना रही हैं। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों का आपस में मिलान कर रही है। जांच पूरी होने और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद ही मामले में सामने आए तथ्यों और आरोपों की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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