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Punjab Politics: नशा मुक्त पंजाब यात्रा का जालंधर में समापन, अमित शाह बोले- 2029 तक खत्म करेंगे सिंथेटिक ड्रग्स का नेटवर्क

Punjab Politics: पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से निकाली गई 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का बुधवार को जालंधर में समापन हुआ। जालंधर के परागपुर गांव में आयोजित समापन समारोह और जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित करते हुए पंजाब को नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संदेश दिया।

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब के सामने किसानों से जुड़े मुद्दे, कानून-व्यवस्था, उद्योग और महिलाओं की सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रमुख फोकस पंजाब को नशा मुक्त बनाने के मुद्दे पर रहेगा।

पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर भाजपा का चुनावी फोकस

अमित शाह ने आम आदमी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सिंथेटिक ड्रग्स और चिट्टे का कारोबार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे के जाल से बाहर निकालना भाजपा की प्राथमिकताओं में शामिल है।

गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने की जरूरत है। उन्होंने भाजपा को सत्ता में मौका मिलने पर इस दिशा में व्यापक अभियान चलाने का भरोसा भी जताया।

31 दिसंबर 2029 तक सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क खत्म करने का दावा

अमित शाह ने जनसभा में कहा कि यदि पंजाब की जनता विधानसभा चुनाव में भाजपा को मौका देती है, तो 31 दिसंबर 2029 तक पूरे राज्य से सिंथेटिक ड्रग्स के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा जाएगा। उन्होंने इसे पंजाब को नशे से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक निश्चित समयसीमा वाला संकल्प बताया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की नीतियों का भी उल्लेख किया। अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर में शांति से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार ने काम किया है। उनके अनुसार, अब पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त कराने की दिशा में निर्णायक कदम उठाने का समय है।

18 सितंबर को पठानकोट से शुरू हुई थी भाजपा की नशा मुक्ति यात्रा

भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर को पठानकोट से शुरू हुई थी। यात्रा का संदेश ‘भाजपा का नारा, नशा खत्म करना है सारा’ रखा गया था। पार्टी की ओर से इस अभियान के जरिए पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और इस मुद्दे को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का प्रयास किया गया।

यात्रा प्रभारी राजेश बाघा के मुताबिक, पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, तलवंडी साबो और फाजिल्का से चार अलग-अलग यात्राएं निकाली गईं। इन यात्राओं ने राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। इस दौरान करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की गई।

जालंधर में समापन के साथ भाजपा ने दिया राजनीतिक संदेश

करीब 13 दिनों तक चले इस अभियान के जालंधर में समापन के दौरान भाजपा ने नशा मुक्त पंजाब को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए अपना राजनीतिक संदेश सामने रखा। अमित शाह के संबोधन में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई और राज्य को नशामुक्त बनाने की प्रतिबद्धता प्रमुखता से दिखाई दी।

समापन कार्यक्रम में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच पार्टी ने यह संकेत दिया कि पंजाब में नशे का मुद्दा आने वाले चुनावी विमर्श में महत्वपूर्ण स्थान रख सकता है। वहीं, अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क खत्म करने का लक्ष्य रखा जाना इस अभियान का प्रमुख राजनीतिक संदेश रहा।

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