UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (SP) के उम्मीदवारों और उसके PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को लेकर सवाल उठाए हैं। मायावती ने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति में परिवारवाद और बड़े पूंजीपतियों को प्राथमिकता मिलती है।
सपा की उम्मीदवार चयन नीति पर मायावती के सवाल
मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी पोस्ट में सपा की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बसपा चुनावों में अपने परिवार और करीबी रिश्तेदारों या बड़े पूंजीपतियों को टिकट देने के बजाय पार्टी के लिए काम करने वाले सर्वसमाज के कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने की नीति अपनाती है।
मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रही है। मतदान 16 अक्टूबर को प्रस्तावित है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है।
राम गोपाल यादव और धनराज नथवानी पर निशाना
समाजवादी पार्टी ने 30 सितंबर को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए प्रोफेसर राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार घोषित किया था। दोनों ने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
मायावती ने अपने बयान में दोनों नामों का जिक्र करते हुए उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए। उन्होंने राम गोपाल यादव को अखिलेश यादव का करीबी रिश्तेदार बताया और धनराज नथवानी के कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े होने का उल्लेख किया। राम गोपाल यादव सपा के वरिष्ठ नेता हैं, जबकि धनराज नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े कॉरपोरेट कार्यकारी और खेल प्रशासक हैं।
मायावती ने पूछा- पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक कहां?
मायावती ने सपा के PDA फॉर्मूले को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान सपा को PDA वर्गों का समर्थन चाहिए, लेकिन राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए उम्मीदवार चुनते समय परिवार और बड़े कारोबारी वर्ग को प्राथमिकता दी जाती है।
बसपा प्रमुख ने इसे सपा की पुरानी राजनीतिक शैली बताते हुए दलित, आदिवासी, अति-पिछड़े, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सतर्क रहने की अपील की। ये मायावती द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; सपा की ओर से इन आरोपों पर अलग प्रतिक्रिया आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
सपा के दूसरे राज्यसभा उम्मीदवार क्यों चर्चा में?
धनराज परिमल नथवानी की उम्मीदवारी ने राज्यसभा चुनाव की राजनीतिक चर्चा को खासा बढ़ाया है। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कॉरपोरेट अधिकारी हैं और उनके पिता परिमल नथवानी भी राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। उनकी उम्मीदवारी को राजनीतिक रिपोर्टों में सपा के पारंपरिक उम्मीदवारों से अलग चयन के तौर पर चर्चा मिली है।
राज्यसभा चुनाव से विधानसभा चुनाव तक बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव की व्यापक राजनीतिक पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। सपा के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भाजपा, सपा और अन्य दलों के बीच बयानबाजी तेज हुई है। ऐसे में मायावती का ताजा हमला राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ PDA, सामाजिक प्रतिनिधित्व और उम्मीदवार चयन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को भी सामने लाता है।

