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UP Politics: यूपी में एक्सप्रेसवे पर सियासी घमासान, अखिलेश यादव के बयान पर योगी सरकार के मंत्रियों का पलटवार

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक्सप्रेसवे और सड़क निर्माण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे से जुड़े बयान पर योगी सरकार के मंत्रियों ने पलटवार किया है। मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी और अनिल राजभर ने सपा शासनकाल में सड़क निर्माण को लेकर सवाल उठाए और मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में बढ़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क को सरकार की उपलब्धि बताया।

अखिलेश यादव के बयान पर भूपेंद्र सिंह चौधरी का पलटवार

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सपा सरकार के कार्यकाल में सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। चौधरी ने कहा कि सपा सरकार के दौरान सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण में कथित तौर पर हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर प्रदेश की जनता परिचित है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में केवल एक एक्सप्रेसवे बनाया गया और उसके निर्माण को लेकर भी सवाल उठे थे।

चौधरी ने सपा प्रमुख को नसीहत देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता राजनीतिक दलों के शासनकाल में हुए काम और उनके तौर-तरीकों को अच्छी तरह जानती है। उन्होंने अखिलेश यादव से ऐसे बयानों से बचने की बात कही। मंत्री का बयान सामने आने के बाद एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

सैफई परिवार पर अनिल राजभर का बड़ा आरोप

वाराणसी में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी अखिलेश यादव पर हमला बोला। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश में जिन सड़कों का निर्माण कराया गया, उनका इस्तेमाल कथित तौर पर सैफई परिवार के हितों और भ्रष्टाचार के लिए किया गया। उन्होंने सड़क निर्माण को लेकर सपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मौजूदा सरकार के कामकाज को उसके मुकाबले अलग बताया।

अनिल राजभर ने कहा कि वर्तमान सरकार जिन परियोजनाओं पर काम कर रही है, उनके परिणाम पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक कारणों से सरकार के विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया। हालांकि, सपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।

यूपी को एक्सप्रेसवे स्टेट बनाने का दावा

अनिल राजभर ने योगी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे स्टेट’ बनाने की दिशा में काम किया है। मंत्री ने यह भी दावा किया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 56 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में मौजूद है।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार से निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है और बड़ी संख्या में निवेशक उत्तर प्रदेश का रुख कर रहे हैं। सरकार की ओर से एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर पेश किया जाता रहा है।

2027 से पहले एक्सप्रेसवे बना सियासी मुद्दा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विकास परियोजनाएं राजनीतिक बहस का अहम हिस्सा बन सकती हैं। एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार भी इसी बहस के केंद्र में दिखाई दे रहा है। सत्ता पक्ष जहां मौजूदा सरकार के दौरान हुए सड़क निर्माण और एक्सप्रेसवे विस्तार को अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रहा है, वहीं विपक्ष सरकार के दावों और विकास मॉडल पर सवाल उठाता रहा है।

अखिलेश यादव के बयान के बाद मंत्रियों की प्रतिक्रिया से साफ है कि आने वाले समय में एक्सप्रेसवे, सड़क निर्माण, निवेश और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक्सप्रेसवे सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि विकास और शासन के दावों के बीच राजनीतिक बहस का एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।

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