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Lucknow News: गोमती के उफान से लखनऊ में बाढ़ जैसे हालात, 30 करोड़ की निर्माण सामग्री बही; सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न

Lucknow News: लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। फैजुल्लागंज समेत कई क्षेत्रों में पानी घरों की दहलीज तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से 2.44 मीटर यानी करीब आठ फीट ऊपर पहुंचकर 108.14 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार को गोमती का पानी हनुमत धाम मंदिर परिसर, शनि देव मंदिर और लक्ष्मण मेला मैदान के आसपास भी भर गया।

लखनऊ फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर 30 करोड़ का नुकसान

गोमतीनगर में लामार्टिनियर कॉलेज के पीछे निर्माणाधीन एलडीए जी-2 फ्लाईओवर के स्टोर में बाढ़ का पानी घुसने से करीब 30 करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री बह गई। कार्यदायी कंपनी एनसीसी के स्टोर मैनेजर मंतोष श्रीवास्तव के मुताबिक, तीन दिनों से नदी का जलस्तर बढ़ रहा था, लेकिन शुक्रवार दोपहर अचानक पानी तेजी से बढ़ गया। कर्मचारियों को सामान सुरक्षित निकालने तक का समय नहीं मिला।

शटरिंग, डीजल और जेनरेटर समेत निर्माण सामग्री डूबी

बाढ़ के पानी से करीब 10 करोड़ रुपये की शटरिंग, पांच हजार लीटर डीजल, 12 ऑक्सीजन सिलिंडर और ऑयल-लुब्रिकेंट के 20 ड्रम बह गए। राशन, गैस सिलिंडर, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री भी पानी की चपेट में आ गई। इसके अलावा पांच जेनरेटर और एक डीजल टैंकर पानी में डूब गए।

सेज क्रिकेट स्टेडियम में घुसा बाढ़ का पानी

गोमती का पानी सेज क्रिकेट स्टेडियम के मैदान तक पहुंच गया है। शुक्रवार को पूरा मैदान पानी से लबालब रहा, जिसके बाद सेज क्रिकेट एकेडमी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। खिलाड़ियों का अभ्यास भी रोक दिया गया है और आने वाले कुछ दिनों तक क्रिकेट मुकाबले नहीं होने की संभावना है। मैदान से पानी निकालने के लिए तीन पंपिंग सेट लगाए गए हैं। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मैदान को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

इकाना स्टेडियम को बचाने के लिए नाला बंद कराया

इकाना स्टेडियम परिसर के बाहर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पानी को स्टेडियम के अंदर जाने से रोकने के लिए नाले को मिट्टी डालकर बंद कराया गया है। वहीं, गोमती का पानी नाले के रास्ते एमार गोमती ग्रींस की ओर बढ़ रहा है। तेज बहाव के कारण नाले के पास सड़क पर भी पानी भर गया है, जिससे आसपास की सोसाइटी में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

फैजुल्लागंज में 200 से अधिक घर प्रभावित

फैजुल्लागंज में 200 से अधिक घर गोमती के पानी से प्रभावित बताए गए हैं। हालात नियंत्रित करने के लिए बैराज के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं, ताकि पानी को डाउनस्ट्रीम की ओर तेजी से निकाला जा सके। शहर के ड्रेनेज नेटवर्क में नदी का पानी वापस न पहुंचे, इसके लिए 48 आउटलेट बंद कर दिए गए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण बारिश रुकने के बावजूद नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।

बीकेटी के गांवों में राहत अभियान तेज

बीकेटी तहसील के लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ समेत आसपास के गांवों में पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन ग्रामीणों की परेशानियां बनी हुई हैं। प्रभावित लोगों के आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 30 नावें लगाई गई हैं। चार राहत शिविर एवं सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डीएम ने नाव से किया निरीक्षण

जिलाधिकारी विशाख जी ने संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार के साथ लगातार दूसरे दिन नाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर समस्याओं की जानकारी ली और अधिकारियों को राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। शिविरों में पका भोजन, राहत किट, दवाएं और क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। पशुओं के लिए हरे चारे और भूसे की व्यवस्था के साथ पशु चिकित्सकों की टीमें भी तैनात हैं।

बाढ़ से फसलें बर्बाद, माल और दुबग्गा में सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न

माल क्षेत्र के बसहरी और बहरौरा गांवों में धान की पकी फसल, उड़द, सब्जियां और चारे के खेत पानी में डूब गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद होने की स्थिति में है। बसहरी में कई घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया है। वहीं दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड के सैंथा समेत कई गांवों में करीब 500 बीघे से अधिक क्षेत्र में धान और सब्जियों की फसल जलमग्न हो गई है।

बाढ़ में बुजुर्ग की जान पर बनी

बहादुरपुर गांव में शनिवार सुबह पांचू नामक बुजुर्ग पांच भैंसों को रस्सी से बांधकर करीब पांच फीट गहरे पानी से बाहर निकाल रहे थे। इसी दौरान भैंसों ने रास्ता बदल दिया और बुजुर्ग भी गहरे पानी में डूबने लगे। ग्रामीणों की मदद से उनकी जान बच सकी। इस घटना ने बाढ़ प्रभावित गांवों में सुरक्षित आवागमन की चुनौती को भी उजागर कर दिया है।

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