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UP News: लखनऊ में सीएम योगी ने पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से किया सम्मानित, 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी

UP News: लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने में यूपी पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है।

पुलिसकर्मियों की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा को सीएम योगी ने सराहा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा के दौरान साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण दिखाने वाले जवानों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और पुलिस की मौजूदगी लोगों में भरोसा पैदा करती है। सीएम योगी के मुताबिक, यूपी पुलिस ने प्रदेश की जनता को सुरक्षा का एहसास कराने में महत्वपूर्ण काम किया है।

शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के परिवार को सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस सेवा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नगद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में चार अपराधियों को मार गिराने में साहस का परिचय दिया था। इसी कार्रवाई के दौरान कर्तव्य पालन करते हुए वह शहीद हो गए थे।

प्रदेश के पहले कीर्ति चक्र प्राप्त पुलिसकर्मी के परिजनों का सम्मान

स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर निरीक्षक सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार को सम्मानित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश पुलिस के किसी जवान को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।

सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था में बदलाव का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश ने एक ऐसा दौर भी देखा है जब सूर्यास्त के बाद तराई क्षेत्रों में लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल माना जाता था। उनके अनुसार, प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है और लोगों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

2017 से पहले के हालात का जिक्र, माफिया पर जीरो टॉलरेंस की बात

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में दंगे और अपराध कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती थे। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगे का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लंबे समय तक चला था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय कई जिलों में माफिया समानांतर व्यवस्था चलाते थे। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की मजबूती का असर प्रदेश की पहचान और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा है।

माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की माफिया और गुंडों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने पुलिस को कानून के दायरे में रहते हुए अपराध और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पुलिस सेवा, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़े योगदानों को रेखांकित किया गया।

2025 में घोषित वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मी

गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर घोषित वीरता पदक पाने वालों में देवदत्त सिंह, राजन कुमार, रितुल कुमार वर्मा, निपुण अग्रवाल, स्वतंत्र कुमार सिंह, मुन्ने सिंह, नीरज कुमार पाल, अशोक कुमार मीणा, कुलदीप कुमार, गीतेश कपिल, प्रवीण अहलावत, अमित, अंगद सिंह यादव, डॉ. दीक्षा शर्मा, संदीप कुमार और रिपुदमन सिंह शामिल हैं।

2026 के वीरता पदक विजेताओं को भी सम्मान

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित वीरता पदक प्राप्त करने वालों में धर्मेंद्र सिंह राठौर, केशव शांडिल्य, राहुल कुमार, अजय कुमार वर्मा, घनश्याम यादव, अवनीश कुमार त्यागी, अमित त्रिपाठी, अमित, मनीष बिष्ट और रणधीर सिंह शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों ने विभिन्न अभियानों और ड्यूटी के दौरान अपने साहस तथा कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया।

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