UP News: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि आजकल बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक और दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इसकी बड़ी वजह गलत खानपान, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मानसिक तनाव है। ऐसे में केवल बीमारी होने के बाद इलाज कराना ही काफी नहीं है, बल्कि बीमारियों से बचने के लिए पहले से सावधानी बरतना भी जरूरी है।
ब्रजेश पाठक शनिवार, 10 अक्टूबर को द वीक मेटाबॉलिक हेल्थ समिट-2026 के उत्तर प्रदेश संस्करण में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ‘बिल्डिंग ए हेल्दियर यूपी फॉर टुमॉरो: फ्रॉम विजन टू एक्शन’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी दिनचर्या में सुधार करें, संतुलित भोजन करें और नियमित रूप से व्यायाम के लिए समय निकालें।
हार्ट अटैक से बचाव के लिए खानपान पर रखें ध्यान
डिप्टी सीएम ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए अपने खानपान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। लोगों को अपनी शारीरिक जरूरत के हिसाब से भोजन करना चाहिए और जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से बचना चाहिए। इसके साथ ही कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स का अधिक सेवन भी नहीं करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हर दिन सक्रिय रहना जरूरी है। इसके लिए जिम जाना या बहुत कठिन व्यायाम करना जरूरी नहीं है। रोज तेज कदमों से पैदल चलना, सीढ़ियां चढ़ना और घर के सामान्य काम करना भी शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। अगर लोग अपनी दिनचर्या में इन छोटी-छोटी आदतों को शामिल करें, तो सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
अस्पतालों में इलाज के साथ बीमारी से बचाव की जानकारी भी मिले
ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों की जिम्मेदारी सिर्फ मरीजों का इलाज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वहां लोगों को बीमारियों से बचने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए। इसके लिए अस्पतालों में जागरूकता से जुड़े कर्मचारियों की तैनाती करने पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों, टीवी और सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को स्वस्थ रहने के तरीके बताए जाने चाहिए। इससे आम लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी पहुंच सकेगी। डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से इस दिशा में सुझाव भी मांगे और भरोसा दिलाया कि जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी सुझावों पर सरकार विचार करेगी।
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया रोकने के लिए जनता की भागीदारी जरूरी
डिप्टी सीएम ने इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से बचाव के लिए सरकारी प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास साफ-सफाई रखें और कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर, पुराने टायरों और दूसरी जगहों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें, ताकि मच्छरों को पनपने का मौका न मिले। लोगों की थोड़ी-सी सावधानी इन बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।
स्वस्थ यूपी के लिए विशेषज्ञों से मांगे सुझाव
ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही प्रदेश और देश के विकास में बेहतर योगदान दे सकते हैं। उन्होंने समिट के आयोजकों को कार्यक्रम के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि नीति बनाने वालों तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच बातचीत से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे। समिट में स्वस्थ जीवनशैली, बीमारियों की रोकथाम और आम लोगों की सेहत सुधारने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

