UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से प्रदेशवासियों के साथ ‘स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश’ की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होने से लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है। मुख्यमंत्री ने उपचार की मजबूरी से स्वास्थ्य सुरक्षा के भरोसे तक के सफर को उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताया।
सीएम योगी के अनुसार, प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना, चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ाना और आम लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सुरक्षा देना है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों को राज्य के विकास से जोड़ते हुए सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।
2017 के बाद यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही थी। इसके बाद डबल इंजन सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम तथा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि लोगों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े और उन्हें अपने आसपास ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों को प्रदेश में हो रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा बताया।
वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज से बढ़ीं चिकित्सा सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में हुई वृद्धि को स्वास्थ्य क्षेत्र के बदलाव का प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ से जोड़ी जाती थी, जबकि अब सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
इस पहल का उद्देश्य जिलों में चिकित्सा शिक्षा और उपचार की सुविधाओं का विस्तार करना है। मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ने से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और चिकित्सा शिक्षा तक युवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यूपी में मेडिकल कॉलेज 36 से बढ़कर 85, एमबीबीएस सीटों में भी इजाफा
सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 थी, जो अब बढ़कर 85 हो गई है। इसी तरह एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, चिकित्सा शिक्षा में इस विस्तार से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवाओं को अधिक अवसर मिल रहे हैं। साथ ही, मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से प्रदेश में उपचार की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता का आकलन उनके वास्तविक संचालन और क्षमता के आधार पर किया जाना जरूरी है।
आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से स्वास्थ्य सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के दायरे में 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी शामिल हैं, जिन्हें गंभीर बीमारियों के उपचार के भारी खर्च से राहत देने का लक्ष्य है।
सीएम योगी के अनुसार, इन योजनाओं से पात्र लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करने में सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा का उद्देश्य केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को आर्थिक चिंता कम करते हुए सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने में मदद देना भी है।
स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश का लक्ष्य: बेहतर इलाज और आर्थिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मेडिकल शिक्षा और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को प्रदेश की नई पहचान से जोड़ा। सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से लोगों को नजदीक में उपचार उपलब्ध कराने और गंभीर बीमारियों के खर्च का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।

