UP News: उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के महीने में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह आगरा, मथुरा और हाथरस समेत कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। इससे आम लोगों की दिनचर्या से लेकर खेती-किसानी तक पर असर पड़ा है।
आगरा में बारिश के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रस्तावित दौरा रद्द करना पड़ा। वहीं, मथुरा में तेज आंधी और बारिश को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। हाथरस में मंडी में खुले में रखी धान की हजारों बोरियां भीग गईं, जिससे किसानों और कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 37 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला यूपी का मौसम
लखनऊ मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम बदला है। इसके असर से अगले दिन पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है।
इससे पहले गुरुवार को नोएडा, गाजियाबाद समेत प्रदेश के करीब 20 शहरों में आंधी और बारिश हुई थी। खराब मौसम के दौरान नोएडा में एक सात मंजिला व्यावसायिक इमारत की शटरिंग गिर गई। वहीं, कासगंज में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
आगरा में बारिश से बढ़ी ठंड, योगी आदित्यनाथ का दौरा रद्द
आगरा में गुरुवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जो देर रात तक रुक-रुककर जारी रही। इसके बाद चली ठंडी हवाओं से लोगों को अक्टूबर में ही सर्दी का अहसास होने लगा। बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को आगरा में तेज हवाओं, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। बारिश का असर खेती और बिजली व्यवस्था पर भी दिखा। अछनेरा मंडी में खुले में रखा धान भीग गया। एहतियात के तौर पर बिजली विभाग ने कुछ समय के लिए आपूर्ति रोक दी, जिसे मौसम साफ होने के बाद बहाल कर दिया गया। तेज हवाओं के चलते शहर के कई इलाकों में बिजली के लोकल फॉल्ट भी सामने आए।
जलभराव और कीचड़ से आगरा की सड़कों पर बढ़ी परेशानी
बारिश के बाद आगरा में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। निर्माणाधीन सड़कों और जहां खुदाई चल रही थी, वहां कीचड़ फैल गया। शहीद नगर के पास शमसाबाद रोड पर कई वाहन गड्ढों में फंस गए। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।
इसके अलावा टेढ़ी बगिया से कालिंदी रोड और ताजगंज की 100 फुटा रोड पर जलभराव के कारण भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश ने शहर की सड़कों की स्थिति और यातायात की परेशानी को बढ़ा दिया।
बारिश से आलू किसानों को राहत मिलने की उम्मीद
बेमौसम बारिश से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं आलू की खेती करने वाले किसानों को इससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। खेतों में नमी बढ़ने से आलू की बुवाई के लिए परिस्थितियां बेहतर हो सकती हैं। किसान 20 अक्टूबर के बाद बुवाई शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
ठंडक कम होने की वजह से आलू की बुवाई में देरी हो रही थी। अब मौसम में बदलाव के बाद किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से आलू के बीज और उर्वरक खरीदने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, लगातार बारिश और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में किसानों की नजर अब आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी है।

