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Karnataka Congress Crisis:क्या जाएगी कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कुर्सी?

Karnataka Congress Crisis:कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं और अटकलों पर कांग्रेस आलाकमान ने साफ़ शब्दों में विराम लगा दिया है। पार्टी के कर्नाटक प्रभारी और वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डीके सिद्दरमैया ही बने रहेंगे। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चल रही कयासों पर विराम लग गया है।

मुख्यमंत्री पद पर सिद्दरमैया की वापसी पर कांग्रेस का फैसला

हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस के कुछ विधायकों के बीच यह चर्चा चल रही थी कि मुख्यमंत्री सिद्दरमैया की जगह डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद सौंपा जा सकता है। इसको लेकर पार्टी के एक विधायक इकबाल हुसैन ने दावा किया था कि डीके शिवकुमार के पक्ष में लगभग 100 विधायक हैं और वे उन्हें मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं।हालांकि, इस दावे को कांग्रेस नेतृत्व ने खारिज करते हुए साफ किया कि सिद्दरमैया की कुर्सी पर कोई खतरा नहीं है। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह तरह की अटकलें केवल माहौल खराब करने वाली हैं और पार्टी संगठन के फैसले को कमजोर नहीं कर सकतीं।

रणदीप सुरजेवाला का स्पष्ट संदेश

कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने विधायकों को सलाह दी है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पार्टी के निर्णयों के प्रति वफादार रहें। उन्होंने कहा कि सिद्दरमैया के नेतृत्व में ही कर्नाटक सरकार का संचालन जारी रहेगा और पार्टी के विकास कार्यों को बिना किसी विघ्न के आगे बढ़ाया जाएगा।सुरजेवाला ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विधायकों से अपील की कि वे एकजुट रहें और विपक्षी दलों के द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को नकारें। उनका मानना है कि इससे पार्टी की मजबूती बढ़ेगी और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन संभव होगा।

कांग्रेस के लिए सिद्दरमैया की अहमियत

सिद्दरमैया को कर्नाटक कांग्रेस का एक मजबूत चेहरा माना जाता है। उन्होंने कई बार पार्टी को संकट से बाहर निकाला है और उनकी लोकप्रियता पार्टी के लिए बड़ी ताकत है। कांग्रेस आलाकमान का भी मानना है कि सिद्दरमैया के नेतृत्व में पार्टी को बेहतर परिणाम मिलेंगे और इसलिए उनका पद बरकरार रखना जरूरी है।साथ ही, पार्टी नेतृत्व विधायकों को यह संदेश देना चाहता है कि किसी भी प्रकार की फूट या आंतरिक कलह से बचा जाए ताकि पार्टी एकजुट होकर राज्य के विकास और जनकल्याण के कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सके।

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