UP Politics: बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित आकाश आनंद को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आकाश आनंद के सपा में शामिल होने से जुड़े सवाल पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि आकाश आनंद को लेकर समाजवादी पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उसका अपना निर्णय होगा और दूसरे दलों को इस मामले में टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है।
आकाश आनंद की सपा में एंट्री पर अखिलेश यादव का जवाब
अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि अगर आकाश आनंद समाजवादी पार्टी में आना चाहें तो क्या उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा? इस पर सपा प्रमुख ने जवाब दिया कि अगर उन्हें कोई आकाश आनंद को लेकर आएगा तो पार्टी उन्हें ले लेगी। अखिलेश ने यह टिप्पणी राजनीतिक संदर्भ में की और संकेत दिया कि इस मुद्दे पर दूसरे दलों की भूमिका नहीं होनी चाहिए।
‘संत की भाषा’ पर अखिलेश यादव का तंज
अखिलेश यादव ने बातचीत के दौरान ‘संत की भाषा’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संत की भाषा ऐसी हो सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर संत की भाषा देखनी है तो एएनआई को देखा जा सकता है। उनके इस बयान को हालिया राजनीतिक बयानबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
मायावती ने आकाश आनंद को BSP से किया निष्कासित
दरअसल, बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी और कहा कि आकाश आनंद को अब BSP से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। यह फैसला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा के भीतर चल रहे घटनाक्रम के बीच सामने आया है।
मायावती ने आकाश आनंद की राजनीतिक सोच पर उठाए सवाल
मायावती ने आकाश आनंद की राजनीतिक सोच और पार्टी के प्रति उनके रुख को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश आनंद को पार्टी और बहुजन आंदोलन के वास्तविक हितों की तुलना में निजी रिश्तों और पारिवारिक लगाव की अधिक चिंता है। मायावती ने उनके रवैये को ‘डबल माइंड’ बताया और स्पष्ट किया कि अब उनका BSP से कोई संबंध नहीं रहेगा।
अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास के बाद बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले में आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का नाम भी प्रमुखता से सामने आया। मायावती ने आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य और पार्टी के हितों को देखते हुए अशोक सिद्धार्थ से राजनीति से संन्यास लेने की अपील की थी। इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की। मायावती ने उनके फैसले को हालांकि देर से उठाया गया कदम बताया।
ईशान आनंद को BSP में मिली अहम जिम्मेदारी
आकाश आनंद के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मायावती ने उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। उन्हें उत्तर भारत का चीफ सेक्टर कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। ईशान आनंद ने मायावती की ओर से आकाश आनंद के खिलाफ कार्रवाई से संबंधित पोस्ट को रीपोस्ट भी किया। इस घटनाक्रम के बाद ईशान आनंद की पार्टी में भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
2027 चुनाव से पहले BSP में नेतृत्व को लेकर हलचल
आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने और ईशान आनंद को महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी दिए जाने के बाद बसपा के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मायावती के इन फैसलों को संगठनात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या आकाश आनंद सपा में जाएंगे? अभी तस्वीर साफ नहीं
इस बीच अखिलेश यादव के बयान ने आकाश आनंद के अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि अभी तक आकाश आनंद की ओर से समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह भविष्य में सपा या किसी अन्य राजनीतिक दल का हिस्सा बनेंगे या नहीं।

