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Ambaji temple theft case: गुजरात के अंबाजी मंदिर में दानपात्र चोरी मामले में सीसीटीवी फुटेज से बड़ा खुलासा

Ambaji temple theft case: गुजरात के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर के दानपात्र से हुई चोरी के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मीडिया चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ के हाथ लगे एक एक्सक्लूसिव सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने इस पूरे मामले की परतों को खोलकर रख दिया है। इस फुटेज से साफ तौर पर संकेत मिलते हैं कि मंदिर के खजाने में हुई यह चोरी कोई एक दिन की अचानक घटी घटना नहीं थी। इसके विपरीत, यह पवित्र मंदिर परिसर के भीतर काफी लंबे समय से चल रहा एक बेहद सुनियोजित और शातिराना खेल हो सकता है, जिसने मंदिर प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।

मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर की शातिराना हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद

चोरी की इस पूरी वारदात का जो वीडियो सामने आया है, उसमें मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर की करतूतें साफ देखी जा सकती हैं। फुटेज में चिराग बेहद शातिराना और चालाकी भरे अंदाज में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के पैसों पर हाथ साफ करता हुआ नजर आ रहा है। वह बड़ी ही सफाई से नोटों के बंडल को अपने पैर के नीचे छिपाता है और फिर मौका देखते ही उसे अपने पायजामे के अंदर सरका लेता है। यह वीडियो कथित तौर पर 21 अप्रैल 2026 का बताया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस फुटेज के आने से पहले तक प्रशासन इसे सिर्फ मई महीने की एक एकलौती घटना मानकर चल रहा था।

तकनीकी कर्मचारियों की मिलीभगत और सीसीटीवी सिस्टम से छेड़छाड़ का आरोप

पुलिस प्रशासन द्वारा की गई शुरुआती जांच के दौरान इस घिनौने अपराध में मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर के अलावा मंदिर के दो अन्य कर्मचारियों के नाम भी उजागर हुए हैं। इन सह-आरोपियों की पहचान विवेक शर्मा और निकुंज पटेल के रूप में की गई है। जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, ये दोनों आरोपी मंदिर में वायरमैन के पद पर तैनात थे और तकनीकी कार्यों की देखरेख करते थे। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने चिराग की चोरी को छुपाने के लिए मंदिर के मुख्य सीसीटीवी सिस्टम और कैमरों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की थी। जांच के बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, लेकिन फिलहाल तीनों आरोपी जमानत पर बाहर घूम रहे हैं।

मई महीने में रहस्यमयी तरीके से बंद मिले थे भंडार गृह के कैमरे

इस पूरे आपराधिक घटनाक्रम में सबसे संदिग्ध और हैरान करने वाली बात यह रही कि मई महीने में जिस दौरान यह बड़ी चोरी अंजाम दी गई, उस वक्त भंडार गृह (स्ट्रॉन्ग रूम) में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे रहस्यमयी तरीके से बंद पाए गए थे। कैमरों के अचानक बंद होने से अधिकारियों को गहरी साजिश की बू आई। अब अप्रैल महीने का यह नया सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जांच का रुख पूरी तरह बदल गया है। इस फुटेज के आधार पर स्थानीय लोगों और जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि ये आरोपी पिछले कई महीनों से लगातार मां अंबा के पवित्र खजाने को लूट रहे थे। लोगों का मानना है कि यदि पिछले एक साल के फुटेज खंगाले जाएं, तो लाखों रुपये की महाचोरी का बड़ा पर्दाफाश हो सकता है।

कलेक्टर मिहिर पटेल का बड़ा एक्शन, सुरक्षा व्यवस्था में किए आमूलचूल बदलाव

चोरी की इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद बनासकांठा जिला प्रशासन और अंबाजी मंदिर ट्रस्ट तुरंत हरकत में आ गया है। मंदिर की सुरक्षा में लगी बड़ी सेंध को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया गया है। बनासकांठा के कलेक्टर मिहिर पटेल ने कड़े फैसले लेते हुए बताया कि अब से मंदिर में दान के पैसों की गिनती 20 से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की सीधी निगरानी में की जाएगी। इसके अलावा, किसी भी गड़बड़ी से बचने के लिए सीसीटीवी फुटेज का बैकअप 30 दिनों के बजाय पूरे 6 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि भविष्य में कभी भी इसकी जांच की जा सके।

कर्मचारियों के लिए सख्त नियम: मेटल डिटेक्टर टेस्ट और बड़े जेब वाले कपड़ों पर रोक

प्रशासन ने चोरी की घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। नए नियमों के मुताबिक, दानपात्र के पैसों की गिनती की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण मंदिर परिसर में लगी बड़ी एलईडी (LED) स्क्रीनों पर किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। गिनती के काम में शामिल होने वाले प्रत्येक कर्मचारी की पुलिस की मौजूदगी में मेटल डिटेक्टर से गहन जांच की जाएगी। इतना ही नहीं, कर्मचारियों के बड़े जेब वाले या ढीले कपड़े पहनने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

पायजामे से नोट गिरने पर खुला था 1.04 लाख रुपये की चोरी का राज

आपको बता दें कि अंबाजी मंदिर में चोरी का यह पूरा मामला आधिकारिक तौर पर 7 मई 2026 को प्रकाश में आया था। उस दिन हमेशा की तरह दानपात्र से निकले पैसों की गिनती का काम चल रहा था। तभी गिनती विभाग में तैनात कर्मचारी चिराग ठाकोर ने लगभग 1.04 लाख रुपये की नकदी चोरी कर अपने कपड़ों में छिपा ली और बाहर निकलने का प्रयास करने लगा। लेकिन भाग्यवश, चलते समय अचानक उसके कपड़ों के भीतर से नोटों की कुछ गड्डियां नीचे जमीन पर गिर गईं। नोटों को गिरता देख वहां मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मी और अधिकारी दंग रह गए, जिसके बाद आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया और इस महाघोटाले का भंडाफोड़ हुआ

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