Ambedkar Nagar accident: उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। रविवार की आधी रात जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर स्थित अशरफपुर भुआ गांव के पास एक के बाद एक हुए दो हादसों ने 8 परिवारों के चिराग बुझा दिए। यह दुर्घटना उस वक्त और भी भयावह हो गई जब घायलों की सहायता के लिए जमा हुए नेकराहगीर खुद मौत के आगोश में समा गए।
आधी रात दो बाइकों के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत
घटनाक्रम की शुरुआत रविवार रात करीब 12:00 बजे हुई। जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और दर्द से तड़पने लगे। सन्नाटे को चीरती हुई इस दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और वहां से गुजर रहे राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे।
घायलों की सहायता के लिए जुटे मददगारों पर मौत का कहर
सड़क पर गिरे खून से लथपथ बाइक सवारों को संभालने और उन्हें प्राथमिक उपचार देने के लिए लोग वहां इकट्ठा हुए थे। मानवता की मिसाल पेश कर रहे इन मददगारों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि एक और अनहोनी उनका इंतजार कर रही है। इसी बीच, एक बेहद तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर आई और सड़क पर मौजूद भीड़ को बेरहमी से रौंदते हुए पास के एक गहरे गड्ढे में जा पलटी।
अस्पताल ले जाते समय घायलों ने तोड़ा दम
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आनन-फानन में सभी घायलों को एम्बुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नगपुर पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज सदरपुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस दोहरे हादसे में कुल 8 लोगों की जान चली गई।
पुलिसिया कार्रवाई और मृतकों की शिनाख्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, डॉ. जयवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने सभी 8 शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। पुलिस प्रशासन फिलहाल दो अन्य मृतकों की पहचान करने में जुटा है। यह घटना न केवल तेज रफ्तार के कहर को दर्शाती है, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस रूह कंपा देने वाले सड़क हादसे ने पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ा दी है। जो लोग दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आए थे, वे खुद सड़क सुरक्षा की कमी और तेज रफ्तार ड्राइविंग का शिकार हो गए।

