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Ankit Baliyan Murder: अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा खुलासा, गोगी गैंग से जुड़ा नेटवर्क आया सामने; दो शूटर एनकाउंटर में ढेर

Ankit Baliyan Murder: हरियाणवी सिंगर और एक्टर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्णा ने सोमवार को बताया कि इस हत्या के पीछे गोगी गैंग से जुड़े एक आपराधिक नेटवर्क की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई विशेष टीमें गठित की थीं। इस दौरान हत्या में शामिल बताए जा रहे दो मुख्य संदिग्ध पुलिस ऑपरेशन में मारे गए।

सोशल मीडिया पोस्ट से सामने आया गैंग कनेक्शन

DGP के मुताबिक 26-27 अगस्त को राहुल उर्फ भोलू शाहपुरी से जुड़े एक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पुलिस इस सोशल मीडिया दावे की भी जांच कर रही है और इसके आधार पर गैंग नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास जारी है।

शामली में जिम के बाहर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या

पुलिस के मुताबिक अंकित बालियान शामली कोतवाली क्षेत्र के लाला पटरी में एक जिम से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान चार हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल अंकित की मौत हो गई। मृतक के पिता की शिकायत पर चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

हत्या से पहले शूटरों ने की थी अंकित की रेकी

जांच में सामने आया कि हमलावरों ने वारदात से पहले अंकित बालियान की गतिविधियों पर नजर रखी थी। पुलिस ने CCTV फुटेज, डिजिटल ट्रेल, संदिग्धों की आवाजाही, ठिकानों और पेमेंट रिकॉर्ड समेत कई तरह के सबूत जुटाए। पुलिस का दावा है कि शूटरों ने जिम के आसपास उनकी दिनचर्या की बारीकी से निगरानी की थी।

अंकित बालियान मर्डर में बाहर से मुहैया कराए गए थे हथियार

DGP के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि हमलावरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। घटना वाले दिन चारों आरोपियों ने कथित तौर पर एक तय योजना के तहत हत्या को अंजाम दिया। वारदात के बाद सभी आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ADG मेरठ जोन, ADG लॉ एंड ऑर्डर और ADG STF के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं। जांच दल में 11 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सात ASP और चार DSP समेत कई इंस्पेक्टर शामिल रहे।

शामली एनकाउंटर में दो मुख्य संदिग्ध ढेर

DGP ने बताया कि 29 अगस्त को ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर वारदात से जुड़े संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद सोमवार को शामली में यूपी STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो मुख्य संदिग्ध मारे गए। उनकी पहचान सुमित और मोहित के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, मोहित के खिलाफ हरियाणा में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि सुमित के खिलाफ कम से कम एक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। दोनों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

आधी रात से सुबह तक शामली में चला सघन चेकिंग अभियान

शामली के SP नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हत्या के बाद जिले में वाहनों की आवाजाही पर विशेष निगरानी शुरू की गई थी। आधी रात से सुबह 6 बजे तक नाकेबंदी और रूटीन चेकिंग का प्लान लागू किया गया। इसी दौरान पुलिस को करनाल की ओर से आती एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध नजर आए।

पुलिस के मुताबिक रोकने का प्रयास किए जाने पर संदिग्धों ने गोलीबारी शुरू कर दी। एक पुलिस वाहन पर भी गोली लगी। इसके बाद वायरलेस के जरिए पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया और SWAT टीम, सर्विलांस यूनिट, SHO, ASP तथा CO स्तर के अधिकारी संदिग्धों की घेराबंदी में जुट गए।

पुलिस पर फायरिंग के बाद शुरू हुआ एनकाउंटर

पुलिस के अनुसार भागते हुए संदिग्धों ने आगे भी चेकिंग टीमों पर गोली चलाई। इसके बाद कई पुलिस टीमों ने उन्हें घेर लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों संदिग्ध गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से आधुनिक हथियार भी बरामद करने का दावा किया है।

चार शूटरों की तलाश अब भी जांच का अहम हिस्सा

ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि CCTV फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर हत्या में चार शूटरों के शामिल होने की जानकारी मिली है। वारदात के बाद आरोपी दो मोटरसाइकिलों से फरार हुए थे। पुलिस अब मारे गए दोनों संदिग्धों के अलावा बाकी आरोपियों और कथित गैंग नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।

पुलिस का फोकस अब हत्या की पूरी साजिश, हथियार उपलब्ध कराने वालों, कथित सोशल मीडिया दावे और अन्य सहयोगियों की पहचान करने पर है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आने वाले हर तथ्य की जांच की जा रही है।

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