अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से हुई चोरी के मामले ने अब उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर सीधे तौर पर केंद्र व राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को कटघरे में खड़ा किया है। दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन ने भी इस मामले में अपनी कानूनी कार्रवाई और जांच की रफ्तार को काफी तेज कर दिया है।
दान चोरी विवाद पर अखिलेश यादव के तीखे सियासी बाण और विपक्ष के गंभीर आरोप
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ लोगों की आस्था के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हुआ है। अखिलेश यादव ने आरोपियों को ‘सुरंगजीवी’ और ‘षड्यंत्रजीवी’ बताते हुए कहा कि महापाप के डर से अब लोग धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्य सबको सजा देगा और समय किसी को नहीं बख्शेगा, क्योंकि जनता का गुस्सा अब दान चोरों पर फूटना तय है। सपा नेताओं के अनुसार, राम मंदिर के हर बड़े आयोजन में आगे रहने वाले शीर्ष नेताओं ने इस घोर-गंभीर मसले पर चुप्पी साध रखी है और असली गुनहगारों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
राम मंदिर चंदा कांड में आरोपियों की अवैध संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की पुलिसिया जांच
सियासी घमासान के बीच, उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की कानूनी जांच बहुत तेज कर दी है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि आरोपियों के पास मौजूद संपत्ति कहीं चोरी के पैसों से तो नहीं खरीदी गई। इस सिलसिले में राजस्व विभाग से मुख्य अभियुक्तों और उनके परिजनों के करीब 20 जमीन के रिकॉर्ड्स मंगवाए गए हैं। पुलिस यह बारीकी से देख रही है कि ये संपत्तियां कब खरीदी गईं और आरोपी कब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े थे। यदि ट्रस्ट से जुड़ने के बाद ये संपत्तियां ली गई हैं, तो इन्हें ‘अपराध की कमाई’ माना जाएगा। इसी कड़ी में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर एक कीमती चार पहिया वाहन भी जब्त किया गया है।
अयोध्या में चोरी की रकम के बंटवारे वाले गुप्त ठिकाने का पर्दाफाश और सबूतों की बरामदगी
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने उस मुख्य स्थान को भी ढूंढ निकाला है, जहां आरोपी चोरी की गई रकम का आपस में बंटवारा करते थे। यह गुप्त ठिकाना अयोध्या के 14-कोसी परिक्रमा मार्ग के पास स्थित है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को इस घटना स्थल पर ले जाकर पूरी वारदात का री-क्रिएशन कराया गया, जहां उसने पैसे बांटने की पूरी कहानी उगली। पुलिस ने इस जगह से एक बेहद कीमती सामान भी बरामद किया है, जिसे इस पूरे मामले का सबसे अहम और पुख्ता सबूत माना जा रहा है।
मंदिर दानपात्र सेंधमारी मामले में नामजद अभियुक्तों की सूची और अब तक हुई गिरफ्तारियां
इस पूरे मामले में पुलिस ने अब तक कुल आठ लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है। पकड़े गए आरोपियों की सूची में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, कमलेश पांडे, तिनु यादव, रामशंकर यादव, मनीष यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा और मुख्य सूत्रधार अविनाश शुक्ला शामिल हैं। इसके अलावा, एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव का नाम भी इस साजिश में सामने आया है। पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिलहाल, बाकी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ जारी है और जांच पूरी होने के बाद जल्द ही अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की जाएगी।

