UP Politics: कानपुर में बैलेट पेपर से हुए उपचुनाव में भाजपा ने दर्ज की शानदार जीत, सपा समर्थित प्रत्याशी को मिली हार; 26 साल से एक ही परिवार के पास रही है अध्यक्ष की कुर्सी
बिठूर नगर पंचायत उपचुनाव में भाजपा का दबदबा
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के बीच भाजपा ने समाजवादी पार्टी (सपा) को बड़ा झटका दिया है। कानपुर की बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राना समरेंद्र सिंह ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी को 2,483 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत की खास बात यह भी रही कि चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराया गया था।
राना समरेंद्र सिंह भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के बड़े भाई हैं। उन्हें कुल 4,210 वोट मिले, जबकि आदर्श द्विवेदी को 1,727 मतों से संतोष करना पड़ा। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप कुमार द्विवेदी को महज 58 वोट मिले। नतीजों से साफ हो गया कि मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी ने शुरुआत से ही अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।
बैलेट पेपर से हुआ मतदान, पहले राउंड से ही आगे रहे भाजपा प्रत्याशी
बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 13 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। इसके बाद गुरुवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरू हुई। मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी राना समरेंद्र सिंह ने पहले राउंड से ही बढ़त बना ली थी। पांचवें राउंड तक उनकी बढ़त कायम रही और आखिरकार उन्होंने बड़े अंतर से जीत हासिल कर ली।
यह उपचुनाव पूर्व अध्यक्ष डॉ. निर्मला सिंह के निधन के बाद कराया गया था। अब उनकी जगह उनके बड़े बेटे राना समरेंद्र सिंह नगर पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। चुनाव के नतीजों के साथ ही इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
राना समरेंद्र सिंह की बढ़त पर लगे जय श्रीराम के नारे
मतगणना में जैसे-जैसे राना समरेंद्र सिंह की बढ़त बढ़ती गई, वैसे-वैसे भाजपा समर्थकों का उत्साह भी बढ़ने लगा। समर्थक मतगणना स्थल पर जुट गए और जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। नतीजों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिला।
इसी बीच पांचवें राउंड का परिणाम घोषित होने से पहले सपा समर्थित प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी मतगणना स्थल से बाहर निकल आए। पुलिस ने उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच उनके घर तक पहुंचाया। उनके बाहर निकलने के दौरान भाजपा समर्थकों ने हूटिंग भी की।
जीत की घोषणा होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
चुनाव अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह ने जैसे ही राना समरेंद्र सिंह की जीत की आधिकारिक घोषणा की, भाजपा कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे। मतगणना स्थल के बाहर ढोल-नगाड़े बजने लगे। कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को माला पहनाकर बधाई दी और जीत का जश्न मनाया।
राना समरेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं के साथ पैदल ही अपने घर पहुंचे। इस दौरान भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने अपने बड़े भाई का पैर छूकर स्वागत किया। जीत के बाद समर्थकों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
बिठूर नगर पंचायत की कुर्सी पर 26 साल से एक ही परिवार का कब्जा
बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट पिछले 26 साल से एक ही परिवार के पास रही है। वर्ष 2000 से डॉ. निर्मला सिंह लगातार पांच चुनाव जीतकर इस सीट पर अपना दबदबा बनाए हुए थीं। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में अब उनके बड़े बेटे राना समरेंद्र सिंह ने जीत दर्ज कर परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है।
इस जीत के साथ ही नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर परिवार का कब्जा बरकरार रहा। स्थानीय राजनीति में इसे भाजपा के लिए अहम जीत माना जा रहा है।
कांग्रेस समेत पांच प्रत्याशियों की जमानत जब्त
बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में कांग्रेस समेत पांच प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी ही अपनी जमानत बचा सके। कांग्रेस के प्रदीप कुमार द्विवेदी को 58 वोट मिले। वहीं, हर्ष कुमार द्विवेदी को 25, सरोज देवी को 16 और प्रदीप कुमार दिवाकर को 11 वोट मिले।
इसके अलावा भाजपा के विजयी प्रत्याशी राना समरेंद्र सिंह की पत्नी सीमा को सिर्फ आठ वोट मिले। मतगणना में कुल 6,192 मतों में से 130 वोट अवैध पाए गए, जबकि सात मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। इस तरह राना समरेंद्र सिंह ने बड़े अंतर से जीत हासिल कर बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा बरकरार रखा।

