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UP News: यूपी में धार्मिक पर्यटन को मिलेगी रफ्तार, ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग समेत 22 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी

UP News: उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण समेत 22 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन सभी परियोजनाओं पर कुल 676.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें सबसे बड़ी परियोजना मथुरा और अलीगढ़ से जुड़े ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग की है। इसके अलावा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में धार्मिक स्थलों तक जाने वाली 21 अन्य सड़कों को भी बेहतर बनाया जाएगा।

ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण पर खर्च होंगे 307 करोड़

ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के 96 किलोमीटर से अधिक हिस्से के चौड़ीकरण के लिए 307.31 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। व्यय वित्त समिति ने इस परियोजना को स्वीकृति दी है। योजना के तहत संबंधित सड़क को 5.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा। जहां जरूरत होगी, वहां सड़क के लिए जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा।

इस सड़क के चौड़ा होने से परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को आने-जाने में आसानी होने की उम्मीद है। अभी कई जगह रास्ते संकरे हैं, जिससे भीड़ के समय आवागमन में परेशानी हो सकती है। सड़क चौड़ी होने से यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी और धार्मिक यात्रा पहले के मुकाबले सुविधाजनक हो सकती है।

265 किलोमीटर में फैला है ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग

ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग की कुल लंबाई करीब 265 किलोमीटर बताई जाती है। इसका लगभग 158 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश, 71 किलोमीटर राजस्थान और 36 किलोमीटर हरियाणा में पड़ता है। यह मार्ग ब्रज क्षेत्र के कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को जोड़ता है, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस मार्ग में बलदेव का दाऊजी महाराज मंदिर, गोकुल, रमणरेती आश्रम, रसखान समाधि, ब्रह्मांड घाट और चिंताहरण महादेव मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। ऐसे में सड़क की बेहतर व्यवस्था से श्रद्धालुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

ब्रज परिक्रमा मार्ग पर क्यों जरूरी है चौड़ीकरण?

ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में सड़क की चौड़ाई एक जैसी नहीं है। कुछ जगहों पर सड़क करीब तीन मीटर चौड़ी है, जबकि दूसरे हिस्सों में इसकी चौड़ाई 5.5 मीटर तक है। संकरे रास्तों के कारण खासकर श्रद्धालुओं की भीड़ के दौरान आवागमन प्रभावित हो सकता है।

प्रस्तावित योजना के तहत जरूरत के मुताबिक सड़क चौड़ी की जाएगी और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। इससे सड़क को निर्धारित मानकों के अनुसार विकसित करने में मदद मिलेगी।

21 अन्य धार्मिक सड़क परियोजनाओं पर भी खर्च होंगे 369 करोड़

ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के अलावा प्रदेश के कई जिलों में 21 अन्य धार्मिक सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इन पर करीब 369 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, बलिया, चित्रकूट, जालौन, लखीमपुर खीरी, संभल और प्रतापगढ़ समेत अन्य जिले शामिल हैं।

इन परियोजनाओं में मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, डायवर्जन मार्ग बनाना और नए संपर्क मार्ग विकसित करना शामिल है। इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों को बेहतर बनाना है।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर

इन 22 परियोजनाओं के जरिए सरकार धार्मिक पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना चाहती है। बेहतर सड़कें होने से श्रद्धालुओं को यात्रा में आसानी मिल सकती है और प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंचना सुविधाजनक हो सकता है। हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही सामने आएगा।

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