You are currently viewing CJP Sansad March: संसद भवन के पास पहुंचा CJP का ‘संसद मार्च’! प्रदर्शनकारियों पर दागे गए आंसू गैस के गोले, गृह मंत्री से मिलने पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान

CJP Sansad March: संसद भवन के पास पहुंचा CJP का ‘संसद मार्च’! प्रदर्शनकारियों पर दागे गए आंसू गैस के गोले, गृह मंत्री से मिलने पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान

CJP Sansad March: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘संसद मार्च’ उस वक्त हिंसक हो गया जब पुलिस अनुमति न मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार के करीब पहुंच गए। स्थिति को बिगड़ते देख संसद भवन का मुख्य गेट तुरंत बंद कर दिया गया और सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया। भीड़ को नियंत्रित करने और तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

पुलिसिया कार्रवाई के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारी रेल भवन के समीप ही धरने पर बैठ गए। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह से आपातकालीन मुलाकात के लिए संसद भवन पहुंचे। CJP के इस विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं की इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था और विपक्ष का समर्थन

संसद के मानसून सत्र और CJP के इस बहुचर्चित प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी थी। इससे पहले, जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

इस छात्र आंदोलन को व्यापक राजनीतिक और सामाजिक समर्थन मिला है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद, प्रख्यात अभिनेता प्रकाश राज और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि सहित कई हस्तियां युवाओं की आवाज बनने जंतर-मंतर पहुंचीं। प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिए।

युवाओं का दर्द और सरकारी तंत्र की विफलता

आंदोलन में पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के युवाओं के साथ सरासर अन्याय हो रहा है और सरकार इसे मूकदर्शक बनकर देख रही है। उन्होंने कहा कि वह युवाओं के दर्द को समझते हैं और एक भारतीय होने के नाते उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 20 जुलाई को इस मार्च का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति खारिज किए जाने के बावजूद हजारों की संख्या में छात्र और समर्थक जुटे। CJP का यह विरोध प्रदर्शन मुख्यतः देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और विकराल होती युवा बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर है। प्रदर्शनकारी लगातार छात्र आत्महत्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

Spread the love

Leave a Reply