UP News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। सोमवार, 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का कहना है कि देश में लोकतंत्र की बहाली की दिशा में पहला कदम मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा होना चाहिए।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी आपत्ति जताई है। वहीं, भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और आरोपों पर निशाना साधते हुए पार्टी की आलोचना की है।
एसआईआर और नागरिकता विवाद पर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को घेरा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नागरिकता निर्धारित करने के मामले में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि नागरिकता निर्धारित करना निर्वाचन आयोग का काम नहीं है।
जयराम रमेश ने अपने दावे के समर्थन में उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया के हालिया साक्षात्कार का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 और संसद द्वारा समय-समय पर किए गए संशोधनों के तहत होता है। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का विरोध मार्च
राजधानी दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया और विरोध मार्च निकाला। पुलिस ने जंतर-मंतर रोड पर बैरिकेड लगाकर रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता मार्च के लिए आगे बढ़ गए।
उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्नाव में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया, जबकि मुरादाबाद में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका गया। इन प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस्तीफे की मांग दोहराई।
जयपुर में कांग्रेस का चुनाव आयोग कार्यालय घेराव
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता शहीद स्मारक से मार्च निकालते हुए निर्वाचन आयोग के प्रदेश कार्यालय का घेराव करने के लिए रवाना हुए।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की। मौके पर वाटर कैनन मशीनें भी तैनात की गई थीं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध दर्ज करा रहे थे।
महाराष्ट्र में भी कांग्रेस का विरोध मार्च, नासिक से पुणे तक प्रदर्शन
महाराष्ट्र में भी कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। नासिक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। पुणे में भी पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
कोल्हापुर में कांग्रेस की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आंदोलन किया गया। इस प्रदर्शन में सांसद शाहू महाराज और सतेज पाटील के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई। महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में हुए इन प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
जेपी नड्डा ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और निर्वाचन आयोग पर लगाए गए आरोपों को लेकर सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर देश की प्रगति से निराश होने का आरोप लगाया।
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के आरोप तथ्यों की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसी पार्टी के पास नीति और दृष्टिकोण नहीं होता, तो वह भ्रम और अराजकता फैलाने का सहारा लेती है।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग कांग्रेस के आरोपों पर तथ्य स्पष्ट कर चुका है, इसके बावजूद माहौल बिगाड़ने की कोशिश जारी है। राहुल गांधी को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि किसी बात को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाती। उन्होंने दावा किया कि जनता विपक्ष की राजनीति और उसके रवैये को समझ चुकी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर सियासी टकराव जारी
कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और भाजपा की प्रतिक्रिया के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने एसआईआर और नागरिकता निर्धारण के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस की आलोचना की है।

