Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप लेती नजर आ रही है। राजधानी की हवा इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों के लिए सामान्य तरीके से सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 567 तक पहुंच गया है। AQI का यह स्तर गंभीर श्रेणी में आता है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी की हवा में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।
सुबह और शाम के समय प्रदूषण का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।
मुंडका में AQI 722, अलीपुर में भी प्रदूषण का बड़ा स्तर
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है। मुंडका में AQI 722 दर्ज किया गया है, जो बेहद गंभीर स्थिति को दिखाता है। वहीं अलीपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 619 तक पहुंच गया।
इसके अलावा पंजाबी बाग में 490, झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया में 479, रोहिणी में 433 और सोनिया विहार में 425 AQI दर्ज किया गया। मंदिर मार्ग में यह आंकड़ा 418 और बवाना में 361 रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी के कई हिस्सों में प्रदूषण लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है।
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय बेअसर?
प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार कदम उठाने की बात कह रहे हैं। अलग-अलग स्तर पर नियंत्रण के उपाय भी लागू किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली की हवा साफ नहीं हो पा रही है। प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर उन्हें इस जहरीली हवा से राहत कब मिलेगी।
GRAP-2 की पाबंदियों के बावजूद नहीं सुधरी हवा
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली का AQI 350 दर्ज किया गया था। इसे पिछले 267 दिनों का सबसे खराब स्तर बताया गया था। प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए राजधानी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-2) लागू किया गया था। इसके तहत प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई तरह के कदम उठाए जाते हैं।
हालांकि, इन पाबंदियों के बाद भी हवा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
दिल्ली के मौसम पर टिकी लोगों की निगाहें
अब दिल्लीवासियों को मौसम में बदलाव का इंतजार है। माना जाता है कि हवा की गति बढ़ने या बारिश होने से प्रदूषण के कणों को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा और हवा की गुणवत्ता में कितना सुधार होगा, यह आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल दिल्ली के लोगों के लिए प्रदूषण से बचाव करना सबसे जरूरी है।
प्रकाशन से पहले जरूरी तथ्य-जांच: आपके दिए आंकड़ों में दिल्ली का AQI 567 और अलग-अलग इलाकों के AQI संभवतः अलग-अलग समय के हैं। साथ ही, AQI 567 को सामान्यतः गंभीर (Severe) श्रेणी में रखा जाता है, न कि केवल ‘बहुत खराब’ श्रेणी में। मंगलवार के 350 वाले आंकड़े और तारीख को भी प्रकाशित करने से पहले संबंधित AQI रिकॉर्ड से मिलान कर लें।

