Delhi Airport: दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डा रविवार, 26 अप्रैल को एक भयानक आपदा का गवाह बनते-बनते रह गया। स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की ज्यूरिख जाने वाली फ्लाइट LX147 के साथ रनवे पर एक बड़ा हादसा हुआ। टेकऑफ के ठीक पहले विमान के इंजन में तकनीकी खराबी के कारण भीषण आग लग गई, जिसे समय रहते पायलट की सूझबूझ से नियंत्रित कर लिया गया।
रनवे पर इंजन में लगी आग और आपातकालीन स्थिति का सामना
स्विस एयरलाइंस की फ्लाइट LX147 दिल्ली से स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर के लिए उड़ान भरने वाली थी। जैसे ही एयरबस A330 विमान ने रनवे पर रफ्तार पकड़ी, अचानक उसके एक इंजन में धमाका हुआ और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेकिंग का इस्तेमाल किया और टेकऑफ की प्रक्रिया को रद्द कर दिया। इस त्वरित निर्णय ने सैकड़ों जिंदगियों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
यात्रियों का रेस्क्यू और घायल यात्रियों को चिकित्सा सहायता
विमान के रुकते ही इमरजेंसी इवैक्यूएशन (आपातकालीन निकासी) शुरू की गई। विमान में कुल 228 यात्री, चार शिशु और क्रू मेंबर्स सवार थे। आग की सूचना से केबिन में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन क्रू ने धैर्य के साथ यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड्स के जरिए नीचे उतारा। इस प्रक्रिया के दौरान 6 यात्रियों को चोटें आईं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। एयरलाइन के अनुसार, कुछ बुजुर्ग यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सीढ़ियों का भी उपयोग किया गया।
एयरबस A330 विमान का तकनीकी विवरण और इंजन फेलियर
नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एयरबस ए330 (Airbus A330) विमान संख्या एलएक्स147 ने रात करीब 1.08 बजे उड़ान भरने की प्रक्रिया शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विमान का एक इंजन पूरी तरह फेल हो गया था, जिससे आग भड़की। सौभाग्य से, विमान ने जमीन नहीं छोड़ी थी, अन्यथा हवा में इस तरह की आग लगने के परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकते थे। वर्तमान में विमान को रनवे से हटाकर आइसोलेशन बे में जांच के लिए खड़ा किया गया है।
स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस का आधिकारिक बयान
हादसे के बाद SWISS एयरलाइन ने अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर घटना की पुष्टि की है। एयरलाइन ने कहा कि दिल्ली में उनके विमान के साथ हुई यह तकनीकी घटना अत्यंत गंभीर है और इसके कारणों की पड़ताल के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित कर दी गई है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में फँसे यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों और होटल में ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम जल्द ही दिल्ली पहुंचकर विमान के मलबे और इंजन की जांच करेगी।
उड्डयन सुरक्षा और भविष्य की जांच प्रक्रिया
इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में उड्डयन सुरक्षा (Aviation Safety) के मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत का नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) भी इस मामले में अपनी स्वतंत्र जांच शुरू कर चुका है। आने वाले दिनों में ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के डेटा के विश्लेषण से यह साफ होगा कि क्या यह खराबी रखरखाव (Maintenance) की कमी के कारण थी या इंजन में कोई निर्माण संबंधी दोष था। फिलहाल, दिल्ली एयरपोर्ट पर परिचालन सामान्य है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा कर दिया गया है।

