संवाददाता-नीरज कुमार
Delhi News: दिल्ली पुलिस ने एक बेहद पेचीदा और संवेदनशील मामले को सुलझाते हुए एक महिला और उसके तीन महीने के मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है। दरअसल, बीती 23 मई को बिहार के मधुबनी के रहने वाले एक युवक ने दिल्ली के सुभाष पैलेस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस एफआईआर (FIR) में युवक ने अपनी पत्नी की हत्या करने और तीन महीने के बेटे को बेचे जाने का बेहद गंभीर आरोप लगाया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुभाष पैलेस के एसीपी (ACP) और एसएचओ (SHO) के नेतृत्व में एएसआई (ASI) शशि कुमार और हेड कॉन्स्टेबल प्रिंस कुमार की एक विशेष टीम गठित कर छानबीन शुरू की गई। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस को लापता महिला की लोकेशन बिहार में मिली।
मुजफ्फरपुर और वैशाली में पुलिसिया दबिश
बताते चले कि, लोकेशन ट्रेस होने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम तुरंत बिहार के लिए रवाना हुई और मुजफ्फरपुर तथा वैशाली जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। गहन तफ्तीश के बाद पुलिस ने महिला और बच्चे दोनों को सकुशल बरामद कर लिया, जिसके बाद हत्या और बच्चा बेचने के घिनौने आरोप पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद साबित हुए। पुलिस जांच में यह सच सामने आया कि युवती ने अपनी मर्जी से अंतरजातीय विवाह (Intercaste Marriage) किया था, जिससे उसके मायके वाले बेहद नाराज चल रहे थे। शादी के बाद जब युवती को बेटा हुआ, तो उसके परिजनों ने नाराजगी के कारण बच्चे को अपने ही किसी परिचित के घर रखवा दिया था। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए मासूम को भी सुरक्षित ढूंढ निकाला।
हाई कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी
चूंकि महिला पूरी तरह से बालिग थी, इसलिए दिल्ली पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी पेशी करवाई। अदालत के सामने युवती ने अपनी मर्जी से बयान दर्ज कराते हुए अपने पति के बजाय अपने माता-पिता और परिजनों के साथ रहने की इच्छा जताई। महिला के इस फैसले के बाद कोर्ट के निर्देशानुसार सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और दिल्ली पुलिस की टीम बच्चे व महिला को उनके परिजनों को सौंपकर वापस दिल्ली लौट आई।
डेढ़ साल पहले मंदिर में किया था प्रेम विवाह
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि डेढ़ साल पुरानी है। लगभग 18 महीने पहले मधुबनी निवासी युवक और युवती ने अपने परिवारों के खिलाफ जाकर दिल्ली के एक मंदिर में प्रेम विवाह (Love Marriage) किया था। शादी के बाद से ही यह नवविवाहित जोड़ा दिल्ली के सुभाष पैलेस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शकुरपुर इलाके में एक किराए के मकान में रह रहा था। हालांकि, अंतरजातीय विवाह होने के कारण युवती का परिवार इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पा रहा था, जिसके चलते अंततः यह हाई-वोल्टेज ड्रामा खड़ा हुआ। दिल्ली पुलिस के जवानों की तत्परता और सूझबूझ से समय रहते एक बड़े विवाद का पटाक्षेप हो गया।

