Flight Fare: दीपावली और छठ पूजा पर अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को इस बार सफर के लिए ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है। नवंबर में त्योहारों के आसपास घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गया है। वाराणसी के लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आने वाली कई उड़ानों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट से सफर करना पड़ सकता है, जिससे किराया बढ़ने के साथ यात्रा में अधिक समय भी लगेगा।
नौकरीपेशा लोगों के लिए त्योहार पर घर लौटना मुश्किल
देश के बड़े शहरों में नौकरी करने वाले लोग दिवाली और छठ के मौके पर परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटते हैं। लेकिन इस बार हवाई टिकट महंगे होने के साथ रेल यात्रा भी मुश्किल होती जा रही है। दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु से आने वाली कई ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं। कुछ ट्रेनों में टिकट बुकिंग के दौरान ‘रिग्रेट’ या ‘नो रूम’ की स्थिति दिखाई दे रही है। इसका अर्थ है कि संबंधित श्रेणी में कन्फर्म, आरएसी और प्रतीक्षा सूची की निर्धारित सीमा पूरी हो गई है।
दिल्ली, आगरा और बिहार के लिए बसें भी पड़ रहीं कम
हवाई और रेल यात्रा में सीटों की कमी के बीच लग्जरी बसें भी यात्रियों के लिए एक विकल्प हैं। दिल्ली, आगरा और बिहार-झारखंड के कई शहरों के लिए बस सेवाएं संचालित होती हैं। हालांकि, त्योहारों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण इन सेवाओं की उपलब्धता मांग के मुकाबले कम पड़ सकती है। ऐसे में यात्रियों को टिकट पहले से बुक कराने और यात्रा के दूसरे विकल्पों पर भी विचार करने की जरूरत है।
सामान्य दिनों में कितना है वाराणसी आने का हवाई किराया?
बाबतपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता, विजयवाड़ा, नवी मुंबई और गाजियाबाद समेत कई शहरों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। सामान्य दिनों में दिल्ली से वाराणसी आने का किराया लगभग 4,000 से 5,000 रुपये, मुंबई से 5,000 से 6,000 रुपये और अहमदाबाद से 7,000 से 8,000 रुपये रहता है। वहीं, चेन्नई से टिकट का सामान्य किराया करीब 8,000 से 9,000 रुपये और बेंगलुरु से 9,000 से 10,000 रुपये तक बताया गया है।
चेन्नई-अहमदाबाद से वाराणसी की फ्लाइट में सीटें फुल
त्योहारी मांग का असर कई रूटों पर साफ दिखाई दे रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 5 नवंबर को चेन्नई से वाराणसी आने वाली उड़ानों में सीटें पूरी तरह बुक हैं। यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए आने के लिए करीब 20,000 से 35,000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। अहमदाबाद से वाराणसी आने वाली उड़ानों में भी सीटों की उपलब्धता नहीं है। इस रूट पर वापसी के लिए यात्रियों को लगभग 21,000 से 28,000 रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं।
शारजाह से वाराणसी आने के लिए भी महंगा विकल्प
अंतरराष्ट्रीय रूट पर भी यात्रियों को राहत मिलती नहीं दिख रही। शारजाह से वाराणसी आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान में सीटों की स्थिति सीमित बताई गई है। कनेक्टिंग फ्लाइट से सफर करने पर करीब 22,000 से 24,000 रुपये तक खर्च हो सकते हैं। एक विकल्प शारजाह से दिल्ली पहुंचकर वहां से वाराणसी की उड़ान लेना है। हालांकि, इस तरह की यात्रा में कनेक्शन के समय और कुल सफर की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली से वाराणसी का संभावित किराया
त्योहारी सीजन के दौरान वाराणसी आने वाले यात्रियों के लिए विभिन्न शहरों से बताए गए किराये इस प्रकार हैं:
- बेंगलुरु से वाराणसी: 15,000 से 22,000 रुपये
- मुंबई से वाराणसी: 13,000 से 18,000 रुपये
- दिल्ली से वाराणसी: 12,000 से 16,000 रुपये
- कोलकाता से वाराणसी: 8,000 से 11,000 रुपये
- विजयवाड़ा से वाराणसी: 11,000 से 14,000 रुपये
ये किराये यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता और बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकते हैं।
यात्रियों का दबाव बढ़ा तो और महंगा हो सकता है हवाई सफर
एयरलाइन अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के दौरान यात्रियों की मांग लगातार बढ़ने पर किराये में और इजाफा हो सकता है। ऐसे में यात्रियों के लिए समय रहते टिकट बुक करना, वैकल्पिक उड़ानों की तुलना करना और कनेक्टिंग फ्लाइट के कुल समय व खर्च की जांच करना उपयोगी रहेगा। ट्रेनों में लंबी वेटिंग और हवाई टिकटों की ऊंची कीमतों के बीच दिवाली-छठ पर घर लौटने की योजना बना रहे लोगों को इस बार यात्रा बजट पहले से तय करना पड़ सकता है।
प्रकाशन से पहले ध्यान दें: लेख में दिए गए किराये और सीटों की उपलब्धता समय के साथ बदल सकते हैं। 5 नवंबर की उड़ानों और वर्तमान किराये को प्रकाशित करने से पहले एयरलाइन या बुकिंग प्लेटफॉर्म से सत्यापित कर लें।

