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JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते गिरफ्तार, CID जांच में बड़ा मोड़

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने आयोग के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जांच एजेंसी अब कथित अनियमितताओं की पूरी कड़ी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी

सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक मनोज कौशिक के मुताबिक, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के सिलसिले में एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले उनसे कई दौर में पूछताछ की जा चुकी थी। खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ होने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसी उनकी भूमिका और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच

यह कार्रवाई JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के दौरान हुई है। परीक्षा के परिणाम और प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से लगातार सवाल उठाए गए हैं। छात्रों ने परीक्षा में पारदर्शिता की मांग करते हुए आंदोलन भी किया है। उनका आरोप है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

JPSC मुख्यालय में CID की छापेमारी और दस्तावेजों की जांच

कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच के दौरान सीआईडी ने JPSC मुख्यालय में भी कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ-साथ मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की। इसके अलावा खियांग्ते के सरकारी आवास समेत कई स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि कथित गड़बड़ी किस स्तर पर और किस तरह हुई।

चेयरमैन पद से इस्तीफे के बाद बढ़ी खियांग्ते की मुश्किलें

एल. खियांग्ते ने हाल ही में JPSC चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा राजभवन भेजा था, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकार कर लिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय हुआ, जब 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद जारी था। खियांग्ते ने अपने इस्तीफे को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया था।

रिटायर्ड मुख्य सचिव से JPSC चेयरमैन तक का सफर

खियांग्ते राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले साल फरवरी में झारखंड लोक सेवा आयोग के चेयरमैन नियुक्त किए गए थे। हालांकि, परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बढ़ते विवाद और अभ्यर्थियों के विरोध के बीच उन्होंने पद छोड़ दिया। उनकी गिरफ्तारी अब मामले की जांच को एक नए चरण में ले गई है।

तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद गिरफ्तारी

खियांग्ते की गिरफ्तारी JPSC के तीनों सदस्यों के इस्तीफे के एक दिन बाद हुई है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों के विरोध के बीच आयोग से जुड़े घटनाक्रम लगातार बदलते रहे हैं। गिरफ्तारी के साथ ही सीआईडी द्वारा इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 20 तक पहुंचने की बात कही गई है।

छात्रों की मांग, JPSC परीक्षा में हो पारदर्शी जांच

JPSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र लंबे समय से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा परिणाम और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि जांच के बाद कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

CID के सामने अब सबसे बड़ा सवाल क्या?

पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद अब JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच में कई सवाल अहम हो गए हैं। सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताएं किस तरह हुईं, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और परीक्षा प्रक्रिया में कहां चूक हुई। जांच के आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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