CJP Protest: दिल्ली में हुए संसद मार्च और CJP प्रोटेस्ट को लेकर भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान के बाद सियासी बहस तेज हो गई है। कंगना ने दावा किया कि संसद परिसर के अंदर मौजूद सांसद प्रदर्शन के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए प्रतिक्रिया दी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों और नागरिकों के सवालों से डरना सरकार की कमजोरी को दर्शाता है।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का पलटवार, छात्र आंदोलन और लोकतंत्र पर उठाए सवाल
कंगना रनौत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि यदि सवाल पूछना अपराध बन जाए, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को सवालों से नहीं, बल्कि जवाबदेही से डर लगता है। राजा वडिंग ने सवाल उठाया कि यदि कोई सरकार छात्रों के विरोध प्रदर्शन से ही घबरा जाए, तो वह देश का प्रभावी नेतृत्व कैसे कर सकती है।
अपने पोस्ट के साथ उन्होंने कंगना रनौत का वह वीडियो भी साझा किया, जिसमें भाजपा सांसद संसद मार्च के दौरान भय का माहौल होने की बात कह रही हैं।
कंगना रनौत ने संसद मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने CJP प्रोटेस्ट और संसद मार्च को लेकर कहा कि प्रदर्शन के दौरान संसद भवन के भीतर मौजूद सांसदों के बीच डर और असहजता का माहौल था। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ रहे थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
कंगना ने कहा कि कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि प्रदर्शनकारी संसद की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने दिल्ली पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा कवच बनकर स्थिति को नियंत्रित किया और ड्यूटी निभाते हुए चोटें भी झेलीं। उनके मुताबिक, पुलिस ने हालात को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प
दिल्ली में सोमवार को आयोजित संसद चलो मार्च के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों ने मार्च को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिसके चलते स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। हालात को देखते हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए, जिससे प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा से की मुलाकात
तनावपूर्ण घटनाक्रम के बीच प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात भी की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखीं और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, बैठक में किन मांगों पर क्या चर्चा हुई या सरकार की ओर से क्या आश्वासन दिया गया, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
संसद मार्च पर जारी है राजनीतिक बयानबाजी
संसद मार्च, छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी लगातार जारी है। एक ओर भाजपा इसे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा बता रही है, जबकि कांग्रेस और विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, संसद मार्च और उससे जुड़े घटनाक्रम देश की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं।

