You are currently viewing UP Politics: मायावती ने 2027 चुनाव के लिए भरी हुंकार, पांचवीं बार CM बनाने का लिया संकल्प, 6 दिसंबर को होगी बड़ी रैली

UP Politics: मायावती ने 2027 चुनाव के लिए भरी हुंकार, पांचवीं बार CM बनाने का लिया संकल्प, 6 दिसंबर को होगी बड़ी रैली

UP Politics: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। गुरुवार को बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट की एक अहम बैठक बुलाई। इसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों के साथ पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और अन्य जिम्मेदार नेता शामिल हुए।

बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मायावती को पांचवीं बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। पार्टी ने साफ किया कि 2027 के चुनाव में बसपा पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अभी से काम किया जाएगा।

6 दिसंबर को आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर बसपा की बड़ी रैली

बैठक में बसपा प्रमुख ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। पार्टी की ओर से 6 दिसंबर को रैली आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के जरिए बसपा अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश करेगी।

पार्टी का मानना है कि बाबा साहेब के विचारों और सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए लोगों को बड़ी संख्या में जोड़ना जरूरी है। ऐसे में 6 दिसंबर की रैली को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

मायावती ने EVM पर उठाए सवाल, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में ईवीएम के जरिए गड़बड़ी की जा रही है। मायावती ने मौजूदा सरकार के साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई।

उन्होंने कहा कि पहले दलितों और कमजोर वर्गों के लोगों को डराकर और धमकाकर उनके वोट प्रभावित किए जाते थे, लेकिन अब चुनाव को प्रभावित करने के लिए ईवीएम के जरिए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। मायावती ने कार्यकर्ताओं से इन मुद्दों को जनता के बीच उठाने की अपील की।

बेरोजगारी और पेपर लीक पर सरकार को घेरा, युवाओं के मुद्दे उठाए

बसपा प्रमुख ने देश में बढ़ती बेरोजगारी, अशिक्षा और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने लगातार भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं पर चिंता जताई। उनका कहना था कि सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही की कमी के कारण ऐसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।

मायावती ने जेन-जी आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं ने बेरोजगारी और दूसरे ज्वलंत मुद्दों को एक नई दिशा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। मायावती ने कहा कि युवाओं के मन में उठ रहे सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और अब यह आवाज आसानी से शांत होने वाली नहीं है।

2027 चुनाव के लिए बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करेगी बसपा

बैठक में मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से जुट जाने के निर्देश दिए। उन्होंने खास तौर पर बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। पार्टी का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में संगठन को सक्रिय किया जाए और कार्यकर्ताओं को चुनावी जिम्मेदारियां सौंपी जाएं।

इसके साथ ही उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी चर्चा हुई। बसपा की ओर से कहा गया कि चुनाव में अच्छे और मजबूत उम्मीदवार उतारने के लिए बहुजन समाज के साथ सर्वसमाज के लोगों को भी एकजुट करना जरूरी है। पार्टी चाहती है कि सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रत्याशी चुने जाएं, जो अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हों।

फर्जी सर्वे और मीडिया की खबरों से बचने की सलाह

मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को मीडिया में चल रही खबरों और फर्जी चुनावी सर्वे से प्रभावित न होने की सलाह भी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को अपना पूरा ध्यान संगठन विस्तार, जनसंपर्क और चुनावी तैयारियों पर लगाने को कहा।

कुल मिलाकर बसपा की इस बैठक से साफ संकेत मिला है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों में तेजी लाना चाहती है। अब देखना होगा कि मायावती की यह रणनीति और 6 दिसंबर की प्रस्तावित रैली प्रदेश की राजनीति में बसपा को कितनी मजबूती दे पाती है।

Spread the love

Leave a Reply