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UP News: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में तेजी, यूपी में 17,758 जोड़ों का विवाह संपन्न; पीलीभीत सबसे आगे

UP News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह को लेकर अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,758 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 72,448 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयां किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बनें।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आवेदन: 72,787 आवेदन मिले

योजना के तहत अब तक प्रदेशभर से 72,787 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक आवेदनों की जांच प्रक्रिया के दौरान 20,042 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 7,245 आवेदन अपात्र पाए गए।

समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आर.पी. सिंह के अनुसार, पात्र आवेदकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का जोर पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाने के साथ योजना में पारदर्शिता बनाए रखने पर है।

UP सामूहिक विवाह योजना में पीलीभीत नंबर-1, शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर

सामूहिक विवाह संपन्न कराने के मामले में पीलीभीत ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 1,271 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। वहीं 1,063 विवाहों के साथ शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर है।

इसके बाद सुल्तानपुर में 1,040 और रामपुर में 1,031 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि योजना को जिलास्तर पर तेजी से लागू किया जा रहा है और बड़ी संख्या में पात्र परिवार इसका लाभ उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पारदर्शिता

योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों की पहचान मजबूत करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। आवेदकों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आय और जाति प्रमाण पत्रों का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक तकनीकी माध्यमों से सत्यापन प्रक्रिया मजबूत होने से अपात्र लोगों को योजना का लाभ मिलने की संभावना को कम करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में आधार आधारित भुगतान व्यवस्था भी लागू किए जाने की तैयारी है।

पात्र लाभार्थियों के खाते में सीधे पहुंचेगी सहायता

आधार आधारित भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता पात्र लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे भेजी जा सकेगी। इससे भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का संकल्प है कि आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए तकनीक आधारित सत्यापन व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लाभ

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग अलग-अलग मदों में किया जाता है।

योजना के तहत 64 हजार रुपये गृहस्थी बसाने, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को विवाह के बाद शुरुआती जरूरतों में मदद उपलब्ध कराना है।

सरकार का लक्ष्य पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाना

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 72,448 सामूहिक विवाह के लक्ष्य की दिशा में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। सरकार की ओर से योजना में तेजी के साथ-साथ आवेदन सत्यापन और भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

तकनीकी सत्यापन, डिजिटल प्रमाण पत्र जांच और प्रस्तावित आधार आधारित भुगतान व्यवस्था के जरिए सरकार का लक्ष्य योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। पीलीभीत समेत कई जिलों में तेजी से हो रहे सामूहिक विवाह इस अभियान की प्रगति को दर्शाते हैं।

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