NEET Protest: नीट (NEET) परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन के बाद अब बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पटना, छपरा, बेगूसराय, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार से अपील की है कि छात्रों के साथ हुए समझौते का सम्मान किया जाए और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाए।
NEET प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई रोकने की CJP की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दिए गए भरोसे को टूटने नहीं दिया जाना चाहिए। पार्टी ने पोस्ट में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को टैग करते हुए आग्रह किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लिया जाए। पार्टी का कहना है कि छात्रों के साथ हुए समझौते का पालन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए आवश्यक है।
NEET छात्र विरोध प्रदर्शन और दिल्ली समझौते का पालन करने की उठी मांग
सीजेपी ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में देशभर की पुलिस से अपील करते हुए कहा कि 25 जुलाई को हुए दिल्ली समझौते का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए। पार्टी ने आग्रह किया कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। सीजेपी का कहना है कि समझौते की भावना के अनुरूप सभी राज्यों को एक समान नीति अपनानी चाहिए।
बिहार में छात्र गिरफ्तारी पर तेजस्वी यादव का हमला, सरकार को दी चेतावनी
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ समझौता होने के बावजूद विभिन्न जिलों में गिरफ्तारियां जारी हैं। तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकी गई और उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो इसका राजनीतिक असर सरकार को भुगतना पड़ सकता है।
NEET परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन पर विपक्ष ने उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उनके परिजनों को भी परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
NEET आंदोलन के बाद हुए समझौते की शर्तों पर फिर शुरू हुई बहस
जानकारी के अनुसार, छात्र आंदोलन के दौरान सीजेपी प्रतिनिधियों और केंद्रीय नेताओं के बीच हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और प्रभावित छात्रों के लिए राहत संबंधी मांगें भी शामिल थीं। अब विभिन्न राज्यों में जारी पुलिस कार्रवाई के बाद इन शर्तों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
NEET छात्र आंदोलन और गिरफ्तारियों पर तेज हुई सियासत
बिहार सहित कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई के बाद इस मुद्दे ने फिर राजनीतिक रंग ले लिया है। एक ओर सीजेपी और विपक्षी दल समझौते के पूर्ण पालन की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कह रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

