Punjab Bomb Blast: पंजाब के अमृतसर और जालंधर शहरों में हुए हालिया बम धमाकों ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है। इन विस्फोटों के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए एक विवादित बयान दिया है। बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, जिससे उनकी राजनीतिक हताशा साफ झलकती है। इस घटनाक्रम ने आगामी चुनावों से पहले राज्य के सियासी तापमान को पूरी तरह बढ़ा दिया है।
बीजेपी का मुख्यमंत्री पर सीधा हमला
बीजेपी उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा,
“मुख्यमंत्री ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है और उन्हें तुरंत इसकी जांच करानी चाहिए। पूरे पंजाब की जनता और विपक्ष इस समय कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन जिस तरह वे इन धमाकों का आरोप बीजेपी पर मढ़ रहे हैं, वह बेहद गंभीर और गैर-जिम्मेदाराना है। भगवंत मान सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि राज्य के गृह मंत्री भी हैं। अगर उनके पास कोई सबूत है, तो वे सच्चाई को जनता के सामने क्यों नहीं लाते?”
भगवंत मान का पलटवार और चुनावी साजिश का आरोप
इससे पहले, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इन धमाकों के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ होने का सीधा आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये छोटे-मोटे ब्लास्ट असल में बीजेपी की चुनावी तैयारियों का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर वोट बटोरने की कोशिश की जा रही है। मान ने तंज कसते हुए कहा कि जहां भी चुनाव होते हैं, वहां दंगे और तनाव फैलाना बीजेपी का पुराना स्टाइल रहा है। उन्होंने विपक्षी दल को आगाह करते हुए ऐसी घिनौनी राजनीति से बाज आने की कड़ी नसीहत भी दी।
कांग्रेस पार्टी ने भी घेरा
इस पूरे विवाद में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी एंट्री लेते हुए दोनों सरकारों को कटघरे में खड़ा किया है। वड़िंग ने इन धमाकों के पीछे गहरी राजनीतिक साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का माहौल जानबूझकर खराब किया जा रहा है ताकि समाज में ध्रुवीकरण पैदा कर राजनीतिक रोटियां सेकी जा सकें। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस सुरक्षा चूक के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दोनों को ही समान रूप से जिम्मेदार ठहराया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पंजाब पुलिस की तफ्तीश और सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने खुद स्थिति की कमान संभाली है। उन्होंने बताया कि अमृतसर में कम तीव्रता (Low-Intensity) के दो ब्लास्ट हुए हैं, जिसके बाद पूरे इलाके को खाली कराकर सैनिटाइज कर दिया गया है। फोरेंसिक टीमें घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही हैं। हालांकि अभी तक किसी बड़े संगठन ने इसकी आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन एक घटना को ‘خालिस्तान लिबरेशन आर्मी’ द्वारा ओन किए जाने के दावों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में आईईडी (IED) विस्फोटकों के इस्तेमाल के पुख्ता संकेत मिले हैं।
डीजीपी ने आशंका जताई कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ के मौके पर राज्य की शांति भंग करने के लिए सीमा पार से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) इस प्रॉक्सी वॉर को हवा दे रही है। उन्होंने पंजाब के युवाओं को पैसों के लालच में देश विरोधी ताकतों के जाल में न फंसने की सख्त हिदायत दी है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कुछ असामाजिक तत्व पंजाब को अस्थिर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राज्य की कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

