Ram Mandir CEO: राम मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त सीईओ रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी की ओर से मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाए जाने के बाद बीजेपी ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने अल्वी के बयान को शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस पर सेना और सशस्त्र बलों के प्रति कथित नकारात्मक सोच रखने का आरोप लगाया।
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर बीजेपी का पलटवार
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने राशिद अल्वी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्वी के बयान ने कांग्रेस की कथित ‘दिमागी नक्सल’ सोच को उजागर कर दिया है। त्रिवेदी ने कहा कि सेना का अपमान करना कांग्रेस की इसी मानसिकता का हिस्सा है।
बीजेपी नेता ने कहा कि यह वही कांग्रेस है, जिसके नेताओं ने भगवान राम को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद उसके सबूत मांगे गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सुरक्षा और सेना से जुड़े मामलों में कांग्रेस का रवैया लगातार सवालों के घेरे में रहा है।
सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला
सुधांशु त्रिवेदी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस को लेकर दिए गए पुराने राजनीतिक आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राशिद अल्वी के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस को लेकर बीजेपी जो आरोप लगाती रही है, उसमें कोई भ्रम नहीं रह गया है।
त्रिवेदी ने दावा किया कि अल्वी की टिप्पणी ने इस पूरे विवाद में कांग्रेस की सोच को सामने ला दिया है। बीजेपी नेता ने राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्व सैन्य अधिकारी की नियुक्ति पर सवाल उठाने को सेना के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राशिद अल्वी को घेरा
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राशिद अल्वी के बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर अल्वी का वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान नहीं रखती।
भंडारी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का जवाब दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे सैन्य अभियान के नायकों पर सवाल उठाना देश के सशस्त्र बलों का विरोध करने जैसा है।
राशिद अल्वी ने राम मंदिर CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर क्या कहा?
दरअसल, विवाद की शुरुआत राशिद अल्वी के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया सीईओ बनाए जाने पर सवाल उठाया था। समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में अल्वी ने कहा कि बीजेपी सरकार में पूर्व जजों को राज्यपाल या राज्यसभा सदस्य बनाए जाने से लोगों के मन में सवाल उठते हैं।
अल्वी ने इसी संदर्भ में मिश्रा की नियुक्ति का जिक्र करते हुए पूछा कि राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद पर एक रिटायर्ड एयर चीफ को नियुक्त करने की क्या वजह है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी कोई ऐसी बात है, जो सामने नहीं आई है और जिसके कारण उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई।
राम मंदिर ट्रस्ट नियुक्ति पर आरोप-प्रत्यारोप
राशिद अल्वी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी ने इसे सेना के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस नेता की टिप्पणी में नियुक्ति के पीछे संभावित कारणों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO की नियुक्ति अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’, भारतीय सेना और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े इस विवाद में दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

