Lucknow News: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 2017 में योगी सरकार बनने के बाद प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को नई ऊर्जा मिली है। सरकार ने उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की कोशिशों को भी रफ्तार मिली है।
एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो से यूपी में बढ़े विकास के अवसर
बुनियादी सुविधाओं से लोगों को फायदा: रामनाथ कोविन्द ने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी बड़ी परियोजनाओं से आवागमन आसान हुआ है। सरकारी योजनाओं के जरिए ग्रामीण परिवारों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इससे रोजगार, शिक्षा और आर्थिक तरक्की के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आत्मकथा के विमोचन में साझा किया जीवन का संघर्ष
परौंख से राष्ट्रपति भवन तक का सफर: रामनाथ कोविन्द अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा, मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि कानपुर देहात के परौंख गांव में उनका घर बेहद साधारण था। बारिश में छत से पानी टपकता था। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें उन गरीब परिवारों की याद आई, जो आज भी बेहतर जिंदगी का सपना देखते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को मिला सम्मान
पक्के मकान से बदली जिंदगी: पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से गरीब परिवारों को पक्के घर मिल रहे हैं। इससे लोगों को सिर्फ छत ही नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि टपकती छत के नीचे जीवन बिताने वाले लोग ही पक्के मकान की अहमियत सही मायने में समझ सकते हैं।
शिक्षा, मेहनत और संस्कार से हासिल किया सर्वोच्च पद
युवाओं के लिए प्रेरणा है जीवन यात्रा: कोविन्द ने बताया कि उनके पिता ने जमीन अपने पास रखने के बजाय बेटों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। ईमानदारी, करुणा और न्यायप्रियता जैसे संस्कार उन्हें परिवार से मिले। उन्होंने कहा कि एक सामान्य परिवार से आने वाला व्यक्ति भी मेहनत और योग्यता के दम पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
महाकुंभ और यूपी की आध्यात्मिक पहचान का किया जिक्र
दुनिया तक पहुंची भारत की आस्था: रामनाथ कोविन्द ने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, महावीर, संत कबीर और संत रविदास की धरती है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक शक्ति, आस्था और सामाजिक एकता की झलक दिखाई।
युवाओं से राजनीति में आने की अपील
मतदान से आगे बढ़कर निभाएं जिम्मेदारी: पूर्व राष्ट्रपति ने युवाओं से राजनीति और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी सिर्फ वोट डालने तक सीमित नहीं है। देश को अच्छे शासन के लिए ईमानदार, योग्य और संवेदनशील लोगों की जरूरत है।
ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य ने भी की कोविन्द की तारीफ
गरीबों और वंचितों की आवाज बने रहे: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि रामनाथ कोविन्द ने राष्ट्रपति बनने के बाद भी अपनी सादगी और सहजता बनाए रखी। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बावजूद कोविन्द अपने संस्कारों और पुराने साथियों से जुड़े रहे।
सतीश महाना बोले- जमीन से जुड़े रहना सीखने लायक
विधानसभा सदस्यों तक पहुंचेगी आत्मकथा: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने रामनाथ कोविन्द के जीवन को सादगी, विनम्रता और दृढ़ संकल्प की मिसाल बताया। उन्होंने इच्छा जताई कि उनकी आत्मकथा विधानसभा के सभी सदस्यों तक पहुंचे। इसके लिए उन्होंने 500 पुस्तकें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया और उनका पूरा मूल्य खुद देने की बात कही।

