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UP News: यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! 455 केंद्रों पर होगी मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद, 48 घंटे में मिलेगा पैसा

UP News: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद की तैयारी की है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, इन मोटे अनाजों की खरीद 31 दिसंबर 2026 तक की जाएगी। सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और सरकारी खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने वाले किसानों को भुगतान 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक, सरकार ने श्रीअन्न की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किया है।

बाजरा, मक्का और ज्वार का MSP कितना है?

सरकार की ओर से तय समर्थन मूल्य के अनुसार, बाजरा की खरीद 2,900 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का की 2,410 रुपये प्रति क्विंटल और ज्वार (मालदांडी) की खरीद 4,073 रुपये प्रति क्विंटल पर प्रस्तावित है। वहीं, ज्वार (हाइब्रिड) का MSP 4,023 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

इन दरों का उद्देश्य किसानों को बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच निर्धारित मूल्य उपलब्ध कराना है। किसान अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचकर तय MSP का लाभ ले सकेंगे। खरीद के लिए निर्धारित पात्रता और पंजीकरण संबंधी नियमों की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त की जा सकती है।

यूपी में 455 क्रय केंद्रों पर होगी मोटे अनाज की खरीद

प्रदेश में मोटे अनाज की खरीद के लिए कुल 455 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। प्रस्तावित योजना में बाजरा के लिए 300, ज्वार के लिए 80 और मक्का के लिए 75 केंद्र शामिल हैं। सरकार ने इस खरीफ विपणन वर्ष में बाजरा की 2.20 लाख मीट्रिक टन, ज्वार की 50 हजार मीट्रिक टन और मक्का की 15 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है।

इन केंद्रों के जरिए अलग-अलग जिलों के किसानों से उनकी उपज खरीदी जाएगी। खरीद की व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि किसानों को सरकारी केंद्रों तक पहुंचने और अपनी फसल बेचने में सुविधा मिल सके।

किसानों को 48 घंटे में भुगतान, आधार से जुड़े खाते में आएगी रकम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खरीद प्रक्रिया में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी जानकारी के मुताबिक, किसानों को उपज की कीमत सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने और किसानों तक रकम सीधे पहुंचाने पर जोर दिया गया है।

खरीद केंद्रों पर ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाना है।

किन जिलों में खरीदा जाएगा बाजरा, मक्का और ज्वार?

बाजरा की खरीद बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट और हमीरपुर में प्रस्तावित है।

मक्का की खरीद बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र और ललितपुर में होगी।

वहीं, ज्वार की खरीद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर, जालौन, झांसी और फिरोजाबाद में प्रस्तावित है।

खरीद से जुड़ी समस्या हो तो इस टोल फ्री नंबर पर करें संपर्क

सरकारी खरीद से संबंधित किसी समस्या या जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और विपणन निरीक्षक से भी सहायता ली जा सकती है।

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का निर्धारित MSP दिलाना, खरीद में पारदर्शिता बनाए रखना और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। किसानों को सलाह है कि खरीद केंद्र पर जाने से पहले पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेजों और संबंधित जिले में खरीद की उपलब्धता की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

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