BC Sakhi scheme: उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। योगी सरकार ने अपने लगभग 9 वर्षों के कार्यकाल में महिला विकास को प्राथमिकता देते हुए ऐसी योजनाएं लागू की हैं, जिनका सीधा लाभ लाखों-करोड़ों महिलाओं को मिला है। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
बीसी सखी योजना से आर्थिक मजबूती
इन योजनाओं में बीसी सखी योजना एक प्रमुख पहल के रूप में उभरकर सामने आई है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा गया है। महिलाएं अब “बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी” बनकर गांव-गांव में लोगों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इससे न सिर्फ ग्रामीण जनता को सुविधा मिल रही है, बल्कि महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत अब तक 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया जा चुका है, जो इसकी सफलता और व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। इससे यह साफ होता है कि महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
अन्य योजनाओं से भी मिला लाभ
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा कन्या सुमंगला योजना और लखपति दीदी योजना जैसी कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि लखपति दीदी योजना महिलाओं को स्वरोजगार के जरिए आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में मदद कर रही है।
समाज में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
इन योजनाओं का असर अब समाज में साफ दिखाई देने लगा है। महिलाएं पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वासी और जागरूक हो रही हैं। वे न केवल घर-परिवार तक सीमित हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए ये कदम राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।

