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Varanasi Flood: वाराणसी में गंगा-वरुणा का जलस्तर बढ़ा, घाट डूबे; 350 परिवारों ने छोड़ा घर

Varanasi Flood: वाराणसी में गंगा और उसकी सहायक नदी वरुणा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, दोनों नदियों का पानी पिछले 12 घंटे में करीब 30 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ा है। मंगलवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 70.27 मीटर दर्ज किया गया।

वाराणसी में गंगा का वार्निंग लेवल 70.26 मीटर, जबकि डेंजर लेवल 71.26 मीटर निर्धारित है। ऐसे में मौजूदा जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर चुका है और प्रशासन के साथ-साथ तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

गंगा बाढ़ का असर: 10 से ज्यादा तटवर्ती इलाकों में पहुंचा पानी

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर वाराणसी के कई तटवर्ती इलाकों में दिखाई देने लगा है। सामनेघाट, पुलकोहना और सलारपुर समेत 10 से अधिक क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। जलभराव बढ़ने के कारण इन इलाकों में रहने वाले करीब 350 परिवारों के लगभग 1,500 लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है।

कई परिवार पिछले कुछ दिनों से प्रशासन की ओर से बनाए गए बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे हैं। वहीं, गंगा में उफान के कारण काशी के प्रमुख घाटों का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है।

Varanasi Ghats Flood: गंगा के पानी में डूबे प्रमुख घाट

गंगा का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों पर भी हालात बदल गए हैं। सुबहे बनारस का आरती स्थल और यज्ञशाला पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। पानी बढ़ने के कारण मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।

कई जगहों पर शवदाह घाट की छतों और आसपास की गलियों में किया जा रहा है। वहीं, वाराणसी के पांच प्रमुख घाटों पर होने वाली गंगा आरती के स्थल में भी बदलाव किया गया है। पुराने अस्सी घाट की गलियों तक बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

वरुणा नदी में भी उफान, पुलकोहना और सलारपुर में हालात गंभीर

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर उसकी सहायक नदी वरुणा पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वरुणा का पानी तेजी से आसपास के तटवर्ती इलाकों में फैल रहा है। पुलकोहना और सलारपुर में स्थिति अपेक्षाकृत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।

प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

Flood Alert: वाराणसी की सभी बाढ़ चौकियां अलर्ट

बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने वाराणसी की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। राहत और बचाव कार्यों पर नजर रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

प्रशासन का फोकस तटवर्ती इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

बाढ़ राहत शिविरों में 120 लोग रह रहे, भोजन-दवा की व्यवस्था

चित्रकूट इंटर कॉलेज स्थित बाढ़ चौकी में करीब 60 लोग रह रहे हैं। वहीं, बगवानाला-नक्कीघाट क्षेत्र में बनाई गई बाढ़ चौकी में भी लगभग 60 लोगों के रहने की जानकारी है। इनमें 26 पुरुष, 25 महिलाएं और 9 बच्चे शामिल हैं।

राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने बताया कि उन्हें समय पर भोजन और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने राहत शिविरों में एक नाविक, एक पशुधन प्रसार अधिकारी, दो डॉक्टर, क्षेत्रीय पार्षद, थाना व चौकी प्रभारी तथा एक बाढ़ चौकी प्रभारी की तैनाती की है।

गंगा और वरुणा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए वाराणसी में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। आने वाले घंटों में जलस्तर किस दिशा में जाता है, इस पर तटवर्ती इलाकों के साथ-साथ राहत एवं बचाव टीमों की नजर बनी हुई है।

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