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UP News: योगी आदित्यनाथ का माफियाओं पर बड़ा बयान, बोले- 42 साल बाद मिली सजा, अब यूपी में 5 GW डेटा सेंटर बनाने का लक्ष्य

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘AI in Construction’ पुस्तक का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, फॉरेंसिक सुविधाओं और निवेश को लेकर अपनी बात रखी। सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में जो हालात थे, उनमें निवेश की कल्पना करना भी मुश्किल था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव आ रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ का माफियाओं पर बयान, बोले- जमीन पर कब्जे के मामले में हुई कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जिस जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट बना है, वहां पहले भू-माफिया ने कथित तौर पर जमीन पर कब्जा कर रखा था। उन्होंने दावा किया कि कागजों में हेरफेर करके जमीन अपने नाम दर्ज करा ली गई थी, जबकि पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर पा रही थी।

सीएम योगी के मुताबिक, जब उन्हें तत्कालीन डीजीपी से इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित फाइल मंगवाई और जांच के निर्देश दिए। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आगे कानूनी कार्रवाई होने पर आरोपी ने सरेंडर कर दिया और जमीन छोड़ दी। उन्होंने कहा कि आज उसी जमीन पर संस्थान खड़ा है और वहां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

अतीक अहमद का नाम लिए बिना योगी ने सुनाया माफिया की सजा का किस्सा

मुख्यमंत्री ने एक माफिया का जिक्र करते हुए कहा कि उसने 1980 में पहला अपराध किया था। योगी ने बिना नाम लिए कहा कि 2017 में कार्रवाई शुरू होने के बाद उसे उत्तर प्रदेश से पंजाब की जेल में भेज दिया गया था। उसे वापस लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी और सुप्रीम कोर्ट में भी मामला उठाया गया।

सीएम योगी ने दावा किया कि संबंधित मामले में सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी साक्ष्य पेश किए गए। उन्होंने कहा कि इस माफिया को सजा मिलने में 42 साल लग गए। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति के साथ 1980 में अपराध हुआ होगा, वह इतने साल बाद न्याय मिलने तक शायद जीवित भी नहीं रहा होगा। उनके इस बयान को अतीक अहमद से जोड़कर देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में 2030 तक 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता बनाने का लक्ष्य

टेक्नोलॉजी और निवेश पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2030 तक प्रदेश में 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है। इसके लिए पांच बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर का मजबूत नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश के पास प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवाओं की बड़ी संख्या है। सरकार को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में निवेश को लेकर जैसी स्थिति थी, उसकी तुलना में अब हालात बदले हैं।

यूपी में 12 फॉरेंसिक साइंस लैब तैयार, 6 पर काम जारी

योगी आदित्यनाथ ने फॉरेंसिक साइंस लैब और पुलिस व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक फॉरेंसिक लैब थी। इसके बाद सरकार ने सभी 18 रेंज में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की दिशा में काम शुरू किया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में अब तक 12 फॉरेंसिक साइंस लैब तैयार हो चुकी हैं, जबकि छह अन्य लैब पर काम चल रहा है। इसके अलावा 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक सुविधाओं के विस्तार से अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों का इस्तेमाल बढ़ेगा और न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी।

योगी बोले- यूपी अब रेवेन्यू सरप्लस राज्य, निवेश के बढ़े अवसर

मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था और प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले बिजली आपूर्ति में भेदभाव होता था, लेकिन अब सभी को बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, जबकि अब प्रदेश पिछले सात वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना हुआ है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में युवाओं की प्रतिभा, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और निवेश के अवसरों का इस्तेमाल करके विकास को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। TechSangam सम्मेलन में उन्होंने कानून-व्यवस्था, फॉरेंसिक तकनीक और डेटा सेंटर के विस्तार को उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े अहम विषयों के रूप में पेश किया।

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