You are currently viewing Lockdown In India: ईंधन संकट और लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र का विराम! हरदीप पुरी ने कहा- ‘घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति नियंत्रण में’

Lockdown In India: ईंधन संकट और लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र का विराम! हरदीप पुरी ने कहा- ‘घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति नियंत्रण में’

Lockdown In India: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में मचे हड़कंप के बीच देश को आश्वस्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि यद्यपि वैश्विक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, लेकिन भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), आपूर्ति श्रृंखला और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश में ईंधन और ऊर्जा की आपूर्ति बिना किसी बाधा के निरंतर जारी रहे।

लॉकडाउन की अटकलें पूरी तरह निराधार: हरदीप पुरी ने अफवाहों को किया खारिज

विपक्ष और सोशल मीडिया पर चल रही लॉकडाउन की आशंकाओं (Lockdown Speculations) पर विराम लगाते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हरदीप पुरी ने जनता से अपील की कि वे शांत और जिम्मेदार रहें, क्योंकि ऐसे समय में डर का माहौल बनाना समाज के लिए हानिकारक है। उन्होंने भारत की आर्थिक मजबूती का हवाला देते हुए कहा कि हम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सक्रिय और समन्वित रणनीति (Proactive and Coordinated Strategy) के साथ तैयार हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की अस्थिरता

पिछले एक महीने के भीतर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices) आसमान छू गई हैं। तेल के दाम $70 प्रति बैरल से बढ़कर लगभग $122 प्रति बैरल तक पहुँच गए हैं। हरदीप पुरी ने तुलनात्मक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जहाँ दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका में कीमतें 50% तक बढ़ी हैं, वहीं यूरोप और उत्तरी अमेरिका भी इस महंगाई से अछूते नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस अस्थिरता का बोझ नागरिकों पर डालने के बजाय खुद वहन करने का विकल्प चुना है।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा व्यक्तिगत निगरानी: किरेन रिजिजू ने दिया सुरक्षा का भरोसा

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) स्वयं व्यक्तिगत रूप से इस पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम आदमी को दैनिक जीवन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। शीर्ष स्तर से लेकर निचले स्तर तक प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट पर रखा गया है ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति (Essential Supplies) सुचारू बनी रहे।

महंगाई से सुरक्षा बनाम वित्तीय बोझ: सरकार की दोहरी रणनीति

हरदीप पुरी ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाया कि सरकार के पास दो रास्ते थे। पहला यह कि बाकी देशों की तरह नागरिकों के लिए कीमतें बेतहाशा बढ़ा दी जाएं, और दूसरा यह कि सरकार अपने राजकोषीय घाटे (Fiscal Burden) की परवाह न करते हुए अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव से जनता को सुरक्षित रखे। केंद्र सरकार ने दूसरे विकल्प को प्राथमिकता दी है, ताकि घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें नियंत्रण में रहें और आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

Spread the love

Leave a Reply