UP Heat Wave Alert: उत्तर प्रदेश में चिलचिलाती धूप और बढ़ते पारे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम केंद्र लखनऊ के ताजा पूर्वानुमानों के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने आम जनमानस के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, ताकि लोग लू के प्रकोप से सुरक्षित रह सकें।
अगले 5 दिनों में 4 डिग्री तक बढ़ेगा पारा
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी 5 दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने के संकेत हैं। हालांकि, इसके बाद पारे में 2 डिग्री की मामूली गिरावट देखी जा सकती है। रात के तापमान यानी न्यूनतम तापमान में अगले 48 घंटों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहले ही ‘लू’ की स्थिति दर्ज की जा चुकी है।
लू से सुरक्षा के उपाय
भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए प्रशासन ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं। घर से बाहर निकलते समय हमेशा छाता, टोपी या गमछा साथ रखें और पानी की बोतल अनिवार्य रूप से पास रखें। पहनावे में बदलाव करते हुए हमेशा हल्के रंग के फुल आस्तीन वाले सूती कपड़े ही पहनें। यदि आपका काम फील्ड का है, तो समय-समय पर गीले कपड़े से चेहरे और गर्दन को पोंछते रहें। खान-पान में खीरा, ककड़ी और तरबूज जैसे मौसमी फलों को प्राथमिकता दें।
तरल पदार्थों का सेवन और आपातकालीन चिकित्सा सहायता
शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए लस्सी, नींबू पानी, आम पन्ना, गन्ने का रस और ओआरएस (नमक-चीनी का घोल) का अधिक से अधिक सेवन करें। यदि किसी को चक्कर आना, मांसपेशियों में ऐंठन, पसीना न आना या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाएं और पैर ऊपर करके लिटा दें। स्थिति बिगड़ने पर तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता लें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
भीषण गर्मी में इन गलतियों से बचें
एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोपहर 12:00 से 3:00 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। गहरे रंग के और सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें क्योंकि ये गर्मी को सोखते हैं। साथ ही, बासी भोजन, अधिक तेल-मसाले और उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करें। चाय, कॉफी और शराब का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर को निर्जलित (Dehydrate) कर सकते हैं।
सावधानी और सतर्कता
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किसी भी स्थिति में बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें, क्योंकि बंद गाड़ियों के भीतर तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है जो जानलेवा हो सकता है। घबराहट होने पर खुद से कोई दवाई न लें और केवल डॉक्टरी परामर्श का ही पालन करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समय रहते उपचार और सही जानकारी के माध्यम से जनहानि को रोका जा सके।

