Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य की सबसे चर्चित सीट नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने के बाद शुभेंदु ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार को निशाने पर लिया और राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। शाम 5 बजे तक चलने वाले इस मतदान में नंदीग्राम एक बार फिर सत्ता परिवर्तन का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
‘शुभेंदु ने दी सनातन के अस्तित्व की दुहाई
पोलिंग बूथ से बाहर आते ही शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया के सामने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बंगाल में हमारी हिंदू माताएं और बहनें रो रही हैं। शुभेंदु ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “इस बार अगर परिवर्तन नहीं हुआ, तो बंगाल से सनातन संस्कृति का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह गुंडे सक्रिय हैं और उनके चुनावी एजेंटों को डराया-धमकाया या गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शांतिपूर्ण मतदान की अपील और सनातनी पहचान पर गर्व
मतदान केंद्र पहुँचने से पहले शुभेंदु अधिकारी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने अपनी सनातनी पहचान पर जोर देते हुए कहा, “हम सनातनी हैं, मैंने भगवान का आशीर्वाद लिया है और अब जनता का आशीर्वाद लेने निकला हूँ।” उन्होंने अपने क्षेत्र के पोलिंग एजेंटों से भी संवाद किया और समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। शुभेंदु का मानना है कि इस बार जनता का जनादेश धर्म और सुरक्षा के पक्ष में होगा।
नंदीग्राम का महामुकाबला: शुभेंदु अधिकारी बनाम पबित्र कर
नंदीग्राम एक बार फिर बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट (Hot Seat) बन गई है। यहाँ विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का सीधा मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पबित्र कर से है। याद दिला दें कि 2021 के चुनाव में भी नंदीग्राम राजनीतिक टकराव का सबसे बड़ा अखाड़ा बना था, जहाँ शुभेंदु ने ममता बनर्जी को हराया था। इस बार भी पूरे राज्य की नजरें इसी सीट के नतीजे पर टिकी हैं क्योंकि नंदीग्राम की जीत या हार पूरे बंगाल का मूड तय करती है।
पहले चरण का महत्व: उत्तर बंगाल की 152 सीटों का निर्णायक गणित
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, पहला चरण दोनों मुख्य दलों के लिए सत्ता की चाबी है। इस चरण में उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें शामिल हैं, जो भाजपा का मजबूत गढ़ रही हैं। कुल 152 सीटों पर हो रहे इस मतदान का पिछला रिकॉर्ड देखें तो 2021 में बीजेपी ने यहाँ 59 और टीएमसी ने 93 सीटें जीती थीं। टीएमसी जहाँ अपना वर्चस्व बचाए रखने की कोशिश में है, वहीं बीजेपी उत्तर बंगाल के अपने प्रदर्शन को दोहराते हुए ‘परिवर्तन’ की लहर को और तेज करना चाहती है।

