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Alankar Agnihotri का बड़ा आरोप, सीजेपी है भाजपा की ‘सी टीम’, राम मंदिर चंदा विवाद पर भी उठाए सवाल

बरेली/लखनऊ: बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट और राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के प्रमुख अलंकार अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच कथित गुप्त गठजोड़ का दावा किया। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के चंदे, धार्मिक स्थलों के आधुनिकीकरण और प्रदेश में हो रहे पुलिस एनकाउंटर्स को लेकर सरकार पर तीखे तीर चलाए।

भाजपा की ‘सी टीम’ है कॉकरोच जनता पार्टी और सीजेपी-बीजेपी के बीच गुप्त साठगांठ

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के प्रमुख अलंकार अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में सबसे बड़ा राजनीतिक हमला सीजेपी और भाजपा के रिश्तों पर बोला। उन्होंने दावा किया कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) वास्तव में भारतीय जनता पार्टी की ही ‘सी टीम’ के रूप में काम कर रही है। अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि एक तरफ तो बीजेपी सार्वजनिक मंचों से सीजेपी को ‘गद्दार’ और विरोधी बताती है, लेकिन दूसरी तरफ सीजेपी के नेताओं को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति प्रशासन द्वारा बेहद आसानी से मिल जाती है। उन्होंने कहा कि यह दोहरा रवैया दोनों दलों के बीच के आंतरिक और गुप्त रिश्तों को पूरी तरह उजागर करता है।

अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद और सनातन आस्था के धन का कथित दुरुपयोग

धार्मिक मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चंदे को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे के कथित रूप से गायब होने या हेरफेर की खबरें आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ने आरोप लगाया कि कुछ विशेष लोग और सत्तारूढ़ दल सनातन परंपरा की आड़ में मंदिरों, मठों और आम श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर पलटवार करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पहले ही साफ कर चुके हैं कि ट्रस्ट का नियमित रूप से आंतरिक ऑडिट होता है और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता की बात पूरी तरह बेबुनियाद है।

धार्मिक स्थलों का मूल आध्यात्मिक स्वरूप बनाम कंक्रीट के गलियारों का निर्माण

अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार की धार्मिक और सांस्कृतिक नीतियों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि काशी, अयोध्या, वृंदावन और मथुरा जैसे देश के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों को उनके मूल आध्यात्मिक और पौराणिक स्वरूप में संरक्षित किया जाना चाहिए था। लेकिन सरकार ने इसके विपरीत वहां केवल बड़े-बड़े कंक्रीट के गलियारों (कॉरिडोर) का निर्माण कर दिया है, जिससे इन प्राचीन शहरों की असल पहचान खो रही है। उन्होंने मांग की कि कंक्रीट के ढांचे खड़े करने के बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

यूपी में पुलिस मुठभेड़ों पर सवाल और ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाने का दावा

अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में अलंकार अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश में हो रही पुलिस मुठभेड़ों (एनकाउंटर्स) पर भी गंभीर चिंता जाहिर की। उन्होंने इस मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद द्वारा हाल ही में उठाए गए सवालों का खुलकर समर्थन किया। अग्निहोत्री ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों के दौरान जिन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उनमें ब्राह्मण समुदाय के लोग दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था के नाम पर हो रहे ऐसे सभी एनकाउंटर मामलों की एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।

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