विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (विजाग) स्टील प्लांट से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ प्लांट के SMS-2 और STC-3 हीटिंग यूनिट में अचानक गर्म पिघले हुए स्टील (लावे) का भारी मात्रा में रिसाव हो गया। इस भीषण औद्योगिक दुर्घटना में आठ श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से पूरे प्लांट परिसर में कोहराम मचा हुआ है।
उच्च तापमान वाले लैडल में विस्फोट और विजाग स्टील प्लांट दुर्घटना
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के सर्कल इंस्पेक्टर केशव राव से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब अत्यधिक उच्च तापमान पर पिघला हुआ तरल स्टील ले जा रहे एक विशाल लैडल (पात्र) में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना भयानक था कि भारी मात्रा में उबलता हुआ तरल लोहा आसपास काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया। पिघले स्टील की चपेट में आने से आठ कर्मियों की जान चली गई, जबकि कई अन्य बुरी तरह झुलस गए।
धमाके के बाद इंडस्ट्रियल यूनिट में अफरातफरी और राहत कार्य
स्टील रिसाव और धमाके की आवाज सुनते ही यूनिट के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। अपनी जान बचाने के लिए कर्मचारी और मजदूर इधर-उध भागने लगे। हादसे की सूचना मिलते ही स्टील प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी टीम और सुरक्षाकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने और आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
आंध्र प्रदेश सरकार का एक्शन
इस भीषण औद्योगिक त्रासदी की खबर मिलते ही आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगलापुड़ी अनिता तुरंत एक्शन में आ गईं। गृह मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने तत्काल विशाखापत्तनम के जिला कलेक्टर और शहर के पुलिस आयुक्त (सीपी) से फोन पर बात कर घटना की पूरी रिपोर्ट ली। गृह मंत्री ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी किए हैं कि सभी घायलों को बिना किसी देरी के सर्वश्रेष्ठ और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
घटनास्थल के लिए रवाना हुईं गृह मंत्री और पीड़ितों के लिए राहत के निर्देश
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में पैदा हुए गंभीर संकट को देखते हुए गृह मंत्री वंगलापुड़ी अनिता खुद जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी हैं। वह रास्ते से ही लगातार जिले के उच्च अधिकारियों के साथ फोन पर संपर्क में हैं और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी कर रही हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पीड़ितों की मदद और हादसे के कारणों की जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

