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UP Assembly Special Session: सीएम योगी ने ‘नारी शक्ति’ पर विपक्ष को घेरा; महिला आरक्षण और सशक्तिकरण पर दिया बड़ा बयान

UP Assembly Special Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तिकरण को लेकर अपनी सरकार का विजन साझा किया और विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। सीएम योगी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह सत्र देश की ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और उनके अधिकारों को समर्पित है। चर्चा की शुरुआत में ही उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष के व्यवहार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चर्चा से पहले ही विपक्ष की व्याकुलता उनकी मंशा को उजागर करती है।


नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विधायी निकायों में महिला प्रतिनिधित्व में वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार द्वारा पारित ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन प्रस्ताव का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2023 के बीच भारत में महिलाओं के स्वावलंबन के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। सीएम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आज देश की नीति-निर्धारण प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ी है, जिसका प्रमाण संसद में महिला सांसदों की अब तक की सबसे अधिक संख्या है। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी को वर्तमान के 11-12 प्रतिशत से बढ़ाकर 33 प्रतिशत आरक्षण के लक्ष्य तक ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि महिला हितों पर अधिक गंभीरता से विधायी चर्चा हो सके।

विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला और महिला कल्याण योजनाओं का विरोध

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने न केवल महिला आरक्षण विधेयक की राह में रोड़े अटकाए, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उपहास किया। सीएम ने जनधन योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पहली बार महिलाओं के बैंक खाते खोलकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की कोशिश की गई, तब विपक्ष ने इसका मजाक उड़ाया। उन्होंने सवाल किया कि जो दल आज आरक्षण की वकालत कर रहे हैं, वे अतीत में इसके सबसे बड़े विरोधी क्यों थे?

नारी गरिमा के प्रतीक: स्वच्छ भारत मिशन और सुरक्षा के लिए बुनियादी ढांचा

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान और शौचालय निर्माण को केवल एक सरकारी निर्माण कार्य मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे ‘नारी गरिमा’ और सम्मान का प्रतीक बताया। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उनकी सरकार ने रिकॉर्ड समय में शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित किया, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लिए यह केवल राजनीति हो सकती है, लेकिन उनकी सरकार के लिए यह महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक ठोस माध्यम रहा है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह योजनाओं से बेटियों का उत्थान

अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और कन्या सुमंगला योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से लाखों बेटियों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। योगी आदित्यनाथ ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बेटियों को किसी जाति या वर्ग के दायरे में नहीं बांधा, बल्कि उन्हें ‘प्रदेश की बेटी’ मानकर समान रूप से लाभ पहुँचाया है। अंत में, उन्होंने विपक्ष को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि केवल चुनावी लाभ के लिए महिलाओं की बात करने के बजाय, उनके वास्तविक सशक्तिकरण के लिए एकजुट होना चाहिए।

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