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UP Weather Havoc: यूपी में कुदरत का कहर! आंधी, तूफान और आसमानी बिजली से भारी तबाही, अब तक 16 की मौत

UP Weather Havoc: उत्तर प्रदेश में प्रकृति ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है कि राज्य के कई जिलों में आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भीषण अंधड़, चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे सूबे की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कहीं बनते हुए पुल भरभराकर ढह गए, कहीं बरसों पुराने पेड़ और कच्चे मकान भरभराकर गिर गए, तो कहीं आसमानी आकाशीय बिजली काल बनकर टूटी। मौसम के इस जानलेवा तांडव की वजह से पूरे प्रदेश में अब तक 16 मासूम जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सहारनपुर से लेकर काशी और राजधानी लखनऊ तक हर तरफ तबाही के निशान हैं।

सहारनपुर के शाकम्भरी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़

पश्चिमी यूपी के सहारनपुर में शुक्रवार तड़के बादलों ने ऐसा रुख बदला कि पहाड़ी इलाकों में हुई भारी वर्षा का पानी तेज बहाव के साथ नीचे रिहायशी इलाकों में आ गया। सिद्धपीठ शाकम्भरी देवी क्षेत्र में अचानक आई इस बाढ़ और ओलावृष्टि की वजह से इलाके में चीख-पुकार मच गई। पानी का सैलाब इतना डरावना था कि लग्जरी गाड़ियों और ट्रैक्टर समेत करीब 10 वाहन तिनके की तरह बह गए। कई मोटरसाइकिलें मलबे के नीचे दफन हो गईं। इस आकस्मिक जल प्रलय की चपेट में आने से 2 पर्यटकों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने वहां बड़े पैमाने पर रेस्क्यू और राहत ऑपरेशन शुरू किया है।

हमीरपुर में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा

बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर आई है, जहां बेतवा नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम स्लैब शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे जमींदोज हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक, कड़कती बिजली और तेज अंधड़ के बीच यह ढांचा अचानक ढह गया, जिससे उसके नीचे सो रहे और काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस भीषण हादसे में अब तक 6 निर्माण श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मलबे के नीचे अभी भी कई और लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार युद्धस्तर पर बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

पेड़ गिरने से तबाह हुआ आशियाना, मां और दो बच्चों ने तोड़ा दम

कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा इलाके के पूरब शरीरा गांव में कुदरत का एक और क्रूर चेहरा देखने को मिला। भोर में करीब 4 बजे आई तेज आंधी के कारण एक विशालकाय नीम का पेड़ उखड़कर पास के ही एक कच्चे मकान पर जा गिरा। उस वक्त घर के अंदर पूरा परिवार गहरी नींद में था। इस मलबे में दबने से मां, उसकी बेटी और एक बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

आकाशीय बिजली का कहर और कई जिलों में मौत का तांडव

उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में आसमानी बिजली (गाज) गिरने से भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। अंबेडकरनगर में खेत की तरफ गए एक युवक की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि उसका साथी झुलस गया। आजमगढ़ के महाराजगंज में भी 50 वर्षीय किसान धर्मराज की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से झुलसकर जान चली गई। वहीं, फतेहपुर में तेज अंधड़ के कारण एक छप्पर गिरने से बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि कौशांबी में टिन शेड उड़ने की वजह से एक अन्य व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।

अयोध्या के प्राचीन मंदिर पर गिरी गाज, विग्रह हुए खंडित

धार्मिक नगरी अयोध्या के सोहावल में स्थित एक प्राचीन दुर्गा मंदिर पर शुक्रवार तड़के आकाशीय बिजली टूट पड़ी। इस घटना में मंदिर के गर्भगृह को भारी नुकसान पहुंचा है और मां दुर्गा सहित कई अन्य देवी-देवताओं की पूज्य प्रतिमाएं खंडित हो गईं। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि मंदिर के फर्श के बीचों-बीच एक बड़ा छेद हो गया। इस घटना से स्थानीय श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं और ग्रामीण अब प्रशासन से मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं।

काशी से लेकर लखनऊ तक सड़कों पर गिरे पेड़ और पोल

तूफान का असर प्रदेश के बुनियादी ढांचे पर भी बुरी तरह पड़ा है। राजधानी लखनऊ के इस्माईलगंज समेत कई रिहायशी इलाकों में विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात ठप हो गया। प्रयागराज और जालौन में हाईटेंशन लाइन के पोल और विशाल खंभे मुख्य मार्गों पर गिर जाने से पूरी बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। वाराणसी (काशी) के हरहुआ रोड पर पेड़ गिरने से धार्मिक परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु बीच रास्ते में ही फंस गए। यही नहीं, काशी के बीएचयू (BHU) ट्रामा सेंटर के बाहर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी और सीएम योगी के सख्त निर्देश

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठी नम हवाओं तथा नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के एक्टिव होने से यह खतरनाक स्थिति बनी है। मौसम विभाग ने सूबे के सभी 75 जिलों में आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी (येलो/ऑरेंज अलर्ट) जारी की है, जहां हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक छू सकती है। यह सिलसिला 1 जून तक जारी रहने का अनुमान है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी स्थिति का संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों और राहत टीमों को तुरंत ग्राउंड पर उतरकर पीड़ितों को तत्काल सहायता और मुआवजा राशि बांटने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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