लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक कॉरिडोर यानी ‘शहीद पथ’ को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। स्थानीय सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखकर शहीद पथ पर एलिवेटेड रोड के निर्माण का आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। इस बड़े कदम से राजधानी की लाइफलाइन माने जाने वाले इस रास्ते को आने वाले समय में पूरी तरह जाम-मुक्त करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
शहीद पथ पर वाहनों का बढ़ता दबाव और व्यस्त चौराहों पर रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या
अहिमामऊ, कमता, चिनहट और अर्जुनगंज जैसे प्रमुख चौराहों को जोड़ने वाला शहीद पथ लखनऊ के पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों के बीच संपर्क स्थापित करने वाली मुख्य जीवनरेखा है। पिछले कुछ वर्षों में इस मुख्य मार्ग पर यातायात का घनत्व कई गुना बढ़ चुका है। स्थिति यह हो गई है कि पीक आवर्स (दफ्तर और स्कूल के समय) के दौरान यहां वाहन चालकों को घंटों लंबे भीषण जाम से जूझना पड़ता है। सुगम यातायात के अभाव में लाखों लोगों का समय और ईंधन रोजाना बर्बाद हो रहा है, जिसने प्रशासन को किसी ठोस समाधान की तलाश करने पर मजबूर कर दिया है।
एनएचएआई (NHAI) ने शुरू की शुरुआती स्टडी, करीब 23 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाने का है मास्टर प्लान
इस गंभीर ट्रैफिक समस्या के स्थायी और मुकम्मल इलाज के तौर पर लगभग 23 किलोमीटर लंबी एक भव्य एलिवेटेड सड़क परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्तावित एलिवेटेड ढांचा या तो मौजूदा शहीद पथ के ठीक ऊपर (डबल डेकर मॉडल) बनाया जाएगा या फिर उसके समानांतर (पैरेलल) तैयार किया जा सकता है। एनएचएआई ने इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती स्तर की व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) और ड्राफ्ट प्रपोजल तैयार करने की प्रक्रिया को गति दे दी है।
एलडीए (LDA) तैयार करेगा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)
इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का जिम्मा सौंपा जा सकता है। एलडीए द्वारा डीपीआर तैयार किए जाने के बाद ही इस भव्य एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल अनुमानित लागत, निर्माण का ढांचागत डिजाइन, कंस्ट्रक्शन मॉडल और इसे पूरा करने की समय-सीमा (टाइमलाइन) को अंतिम रूप दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस डीपीआर के स्वीकृत होते ही जमीनी स्तर पर काम को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
मेट्रो विस्तार के साथ शहीद पथ एलिवेटेड कॉरिडोर बदलेगा नवाबों के शहर लखनऊ की सूरत और इंफ्रास्ट्रक्चर का भविष्य
लखनऊ में जारी मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार और अन्य नए सड़क मार्ग प्रोजेक्ट्स के बीच, इस प्रस्तावित एलिवेटेड हाईवे को राजधानी के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना (Infrastructure Project) के रूप में देखा जा रहा है। इस कॉरिडोर के पूरी तरह बन जाने के बाद शहर के पूर्वी और दक्षिणी कोनों के बीच की दूरी न सिर्फ मिनटों में सिमट जाएगी, बल्कि आगामी कई दशकों तक बढ़ने वाले ट्रैफिक लोड को संभालने की क्षमता भी शहर को मिल जाएगी। यदि केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है, तो यह लखनऊ के पूरे ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।

