NEET-UG 2026: देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का आज दोबारा आयोजन होने जा रहा है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा में करीब 22 लाख परीक्षार्थी हिस्सा ले रहे हैं। पिछली बार हुए विवादों और पेपर लीक की घटनाओं से सबक लेते हुए, इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिए बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा संपन्न कराना साख का सवाल बन गया है। परीक्षा को निर्विघ्न पूरा करने के लिए शनिवार, 20 जून को देशव्यापी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस पूर्वाभ्यास के जरिए पुलिस, जिला प्रशासन और परीक्षा केंद्रों की विभिन्न टीमों ने समन्वय को परखा, ताकि रविवार को मुख्य परीक्षा के दिन सुरक्षा व्यवस्था और गोपनीयता में कोई चूक न रह जाए।
सख्त बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था
NTA ने इस बार परीक्षा केंद्रों के भीतर किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या ‘डमी कैंडिडेट’ (मुन्नाभाइयों) के प्रवेश को रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में बनाए गए कुल 5,440 परीक्षा केंद्रों पर सख्त पहचान सत्यापन प्रक्रिया लागू की गई है। इसके तहत अभ्यर्थियों की जांच के लिए 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मी तैनात किए गए हैं। इस डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम के साथ पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) को भी अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्षों में मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह ब्लॉक करने के लिए 51,311 अत्याधुनिक जैमर लगाए गए हैं।
लाखों कैमरों और AI तकनीक से तीसरी आंख की निगरानी
इस बार की मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता इसका हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम है। सभी 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों को लाइव मॉनिटरिंग के दायरे में लाया गया है। इसके लिए देशभर में कुल 1,38,560 CCTV कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों की लाइव फीड राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर बने सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम को भेजी जा रही है। सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए इस बार AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान तुरंत कर लेगी। साथ ही, परीक्षा सामग्री को लाने और ले जाने वाले वाहनों की GPS ट्रैकिंग की जा रही है, जिन्हें पुलिस एस्कॉर्ट की सुरक्षा भी दी गई है।
अर्धसैनिक बलों और वायु सेना का कड़ा सुरक्षा पहरा
NTA के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा हॉल के भीतर नकल रोकने की नहीं, बल्कि परीक्षा से पहले होने वाले पेपर लीक को रोकने की है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि अर्धसैनिक बलों, भारतीय वायु सेना और डाक विभाग को भी शामिल किया गया है। गोपनीय परीक्षा सामग्री (क्वेश्चन पेपर्स और OMR शीट्स) को सुरक्षित रखने के लिए देश की लगभग 1,500 बैंक शाखाओं में विशेष अधिकारियों की मुस्तैदी की गई है। प्रत्येक केंद्र पर औसतन 40 से 50 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा, ग्राउंड जीरो पर स्थिति संभालने के लिए 6,700 से अधिक ऑब्जर्वर, 100 वर्चुअल ऑब्जर्वर और हर केंद्र पर एक ‘सेंटर सिस्टम्स ऑफिसर’ (CSO) नियुक्त किया गया है।
अफवाहों और सोशल मीडिया पर फर्जी दावों पर खुफिया नजर
एक तरफ जहां सुरक्षा के इंतजाम बेहद कड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ परीक्षार्थियों की सहूलियत का भी ध्यान रखा गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर पीने का पानी, ओआरएस (ORS) और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। अभिभावकों के लिए छायादार वेटिंग एरिया बनाए गए हैं और छात्रों के लिए रफ वर्क पेज व दीवार घड़ियों का इंतजाम हर कमरे में है। प्रवेश प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए इस बार परीक्षा की अवधि भी बढ़ाई गई है। इसके साथ ही, NTA सोशल मीडिया पर एक्टिव है और परीक्षा से पहले फैलने वाले फर्जी “पेपर लीक” के दावों और अफवाहों पर साइबर सेल के जरिए कड़ी नजर रख रहा है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सख्त हिदायत दी है।

